Author: anjali patel

  • सुनाती नहीं मैं अपना गम

    सुनाती नहीं मैं अपना गम किसी को
    तो खुशियों का इजहार करूँ कैसे,
    मुश्किले है मेरी राह में बहुत
    मैं अपनी मंजिल पर आगे बढूँ तो बढूँ कैसे?

  • सुनाती नही मैं अपना गम किसी को

    सुनाती नहीं मै अपना गम किसी को तो अपनी खुशियों का इजहार करूँ कैसे ? मुश्किलें है बहुत रास्ते में मेरे मैं अपनी मंजिल पर आगे बढूँ तो बढूँ कैसे?

  • हे कर्मवीर हे धर्मवीर

    हे कर्मवीर हे धर्मवीर
    हे परमवीर तुम शौर्य महान,
    हेभारत मा के वीर सपूत
    इस देश के लिए कुर्बान है जान
    बलिदान तेरा न व्यर्थ जाएगा
    तेरा लहू इस देश के काम आएगा
    न झुकने देंगे हम शीश चमन का
    तिरंगा यह हर पल गगन में लहराएगा
    याद रखेंगे सदियों तक
    तेरा यह अमूल्य बलिदान
    हे कर्मवीर हे धर्मवीर
    हे परमवीर तुम शौर्य महान
    मैं भी चलूं उसी पथ पर
    जिस पथ पर लाखों वीर गए
    मिट गए देश पर हंसते हंसते
    जंग लड़ने जो रणधीर गए
    वीर समाधि बनी उन्ही की
    इस पावन उज्ज्वल धरती पर
    खून से सनी है भारत की सीमा
    राख हुए जो देश के रण पर
    धन्य है भारत मां का आचल
    धन्य है भारत देश महान
    हे कर्मवीर हे धर्मवीर
    हे परमवीर तुम शौर्य महान।

  • जरूरी नहीं कि हर दिल इश्क में टूटा हो

    जरूरी नहीं कि हर दिल इश्क में टूटा हो
    अक्सर अपने भी दिल तोड़ दिया करते हैं,
    खुशियों में तो मशरूफ हो जाते सभी पर
    मुश्किल पड़ते ही दामन छोड़ दिया करते हैं

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