निषेध सत्य की खोज… मैं बिक गया हूं दोस्तों खरीद लिया ईमान मेरा चंद कागज के टुकड़ों ने दिग्भ्रमित किया मैं भूल चुका हूं कर्तव्य मेरा-क्या काम मेरा लोकतंत्र का था मैं स्तंभ कभी निष्पक्षता […]