उठी है एक आवाज, सत्ता को पलटने के लिए, जागी है एक भावना,जन जन की चेतना के लिए, गूंजी है एक पुकार,कुछ बदलने के लिए, अब समाप्त करनी है लोगों में फैली जो है भ्रांति, […]

आओ एक ख्वाब बुने कल के वास्ते, सबकी अपनी अलग है मंज़िल पर एक है रास्ते, कुछ तो अलग करेंगे कुछ तो नया करेंगे अपने देश के वास्ते, चलो आज ही तय कर लेते है […]

कहने को है अमृत की धारा, कूड़े से पटा हुआ उसका जल सारा । पाप धुलने का मार्ग बन गई गंगा, हर किसी के स्पर्श से मैली हो गई गंगा । कभी प्रसाद की थैली […]