Anshika Johari, Author at Saavan's Posts

साप्ताहिक कविता प्रतियोगिता

उठी है एक आवाज, सत्ता को पलटने के लिए, जागी है एक भावना,जन जन की चेतना के लिए, गूंजी है एक पुकार,कुछ बदलने के लिए, अब समाप्त करनी है लोगों में फैली जो है भ्रांति, समय आ गया है अब जन्मेगी एक क्रांति, आगाज़ करता हुआ एक विगुल कह रहा, डरो ना आंधी पानी में, हर फिजा खुल कर सांस लेगी अब इस कहानी में, मजदूरों और मेहनतकशों के इम्तिहानों की, अब लाल सलाम करती हुई उठेगी एक क्रांति हम जवानों की, हुई थी क्रांति... »

ख्वाब बुने

आओ एक ख्वाब बुने कल के वास्ते, सबकी अपनी अलग है मंज़िल पर एक है रास्ते, कुछ तो अलग करेंगे कुछ तो नया करेंगे अपने देश के वास्ते, चलो आज ही तय कर लेते है कौन से सही है रास्ते, जुनून है जज्बा है आत्मविश्वास से भरा एक हौसला है, दो हाथ है दो पैर है और सबसे महत्वपूर्ण कुछ अलग करने की लगन है, पर चिंता की है कि सब अपने में मगन है, पर हम जानते है कि नीचे धरा है ऊपर गगन है और हम में कुछ नया करने की लगन है ।... »

गंगा

गंगा

कहने को है अमृत की धारा, कूड़े से पटा हुआ उसका जल सारा । पाप धुलने का मार्ग बन गई गंगा, हर किसी के स्पर्श से मैली हो गई गंगा । कभी प्रसाद की थैली के नाम पर, कभी फूलों के बंडल के नाम पर, कभी कपड़े के गट्ठरों के नाम पर, भरती चली गई गंगा । धो डालो सारे रीति रिवाज, जो करते है गंगा को गन्दा, अब मिलकर साफ करेगा गंगा को हर एक बन्दा । समय आ गया है अब बदलने गंगा की मूरत, गंगा हमारी मां जैसी, अविरल है उसकी ... »