Author: Antima Goyal

  • ओ रे कृष्णा

    ओ रे कृष्णा
    काहे सताये मोहे
    पनघट पर पनिया भरत में
    काहे छेड़े मोहे
    मटकी फ़ोड़े
    राहे रोके
    निस दिन बरबस ही
    आके टोके
    जरा भी लाज शरम
    न आये तोहे
    ओ रे कृष्णा
    काहे सताये मोहे

  • व्याकुल जी जान से

    पयोद धर बाण जल का
    चलाये तड़ित की कमान से
    धरती आहत होने को आकुल
    प्रेम में मरने को व्याकुल जी जान से|

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