Author: Dev Rajput

  • चल कोई ख़्वाब निचोड़ा जाये

    कब तलक ख़ुद को समेटा जाये,
    चल कोई ख़्वाब निचोड़ा जाये…

    कोई आया नहीं अपना हमारे कारवां में
    चलो आज कोई पराया जोड़ा जाये..

    जिंदगी चली जा रही है सीधी सी
    आज इसे कहीं और मोड़ा जाये..

    भर गयी है गुल्लक ख़्वाबों की
    चलो आज इसे फोड़ा जाये…

  • जिंदगी

    कभी गांव की मिट्टी की भीनी खुशबू से भरी थी जिंदगी
    आज कल शहर की धूल में लिपटी पड़ी रहती है|

  • तकदीर की क्या खूबी है

    तकदीर की क्या खूबी है,
    मेहनत करने वाले नंगे बैठे है
    काले धन वाले
    मोटे लिहाफ़ कम्मल लपेटे है

  • Life

    Let the wind come on your face,

    Let the challenges flow to your ways,

    Make your life worth living

    Let the real life begin in your days.

  • अब तो दिल ही हमारा महफिलों ढल गया

    तालीम नहीं मिली कभी, ना इल्म था हमें कभी
    बस इक तसव्वुर था, जो ज़हन मे घुल गया
    कभी शिरकत किया करते थे, हम महफिल ए इश्क में
    अब तो दिल ही हमारा महफिलों ढल गया…

  • रुका रुका सा लगता है वक्त

    रुका रुका सा लगता है वक्त
    जब से वो गये है
    सब थम सा गया है

    बहते थे अश्क आंखो से
    अब लगता है वो भी
    जम से गये है

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