Author: Famyas

  • मेरी दुआ

    मेरी दुआ है आतिश-ए-इश्क़ में
    तेरा घर भी यूँ ही जला करे

    न ज़ख़्म हो न सकूँ मिले
    तेरा दिल भी यूँ ही दग़ा करे

    न दर्द हो न दवा मिले
    यूँ मेरी तरह तू जला करे

    न हो पास कोई न रक़ीब मिले
    यूँ मेरी तरह तू रोया करे

    न ग़म हो न ख़ुशी मिले
    इसी आग में तू जला करे

    न हो ज़िन्दगी न मौत मिले
    यूँ मेरी तरह तू जिया करे

    मेरी दुआ है आतिश-ए-इश्क़ में
    तेरा घर भी यूँ ही जला करे

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