ओ विप्लव के थके साथियों विजय मिली विश्राम न समझो उदित प्रभात हुआ फिर भी छाई चारों ओर उदासी ऊपर मेघ भरे बैठे हैं किंतु धरा प्यासी की प्यासी जब तक सुख के स्वप्न अधूरे […]

इस लहलाती हरियाली से , सजा है ग़ाँव मेरा….. सोंधी सी खुशबू , बिखेरे हुऐ है ग़ाँव मेरा… !! जहाँ सूरज भी रोज , नदियों में नहाता है……… आज भी यहाँ मुर्गा ही , बांग […]

गणपति बप्पा मोरया, पुड्च्या वर्षी लौकरया मोरया रे, बप्पा मोरया रे \-४ गणपति अपने गाँव चले, कैसे हमको चैन पड़े जिसने जो माँगा उसने वो पाया, रस्ते पे हैं सब लोग खड़े गणपति बप्पा दुख […]

जाति धर्म देखे बिना, देशद्रोहियों को अपने हाथों से मिटाना होगा नई पीढ़ी को अभिमन्यु सा, गर्भ में देशभक्ति का पाठ पढ़ाना होगा तुम्हें व्यक्तिवाद छोड़कर राष्ट्रवाद अपनाना होगा हर व्यक्ति में भारतीय होने का […]

बीते लम्हे मुझे आए याद बारिशों की वो रंगीन बूँदें ख़्वाब में खोई मीठी-सी नींदें दूर तक जुगनुओं की बरातें रातरानी से महकी वो रातें बीते लम्हे मुझे आए याद चाँदनी का छतों पर उतरना […]

बारिश हो रही है तुम बार-बार देखती हो आकाश चमकती हुई बिजली को देखकर चिहुँक उठती हो जितने भूरे-भूरे काले-काले बादल हैं आकाश में ये समुन्दर का पानी पीकर धरती के ऊपर हाथी की सूंड़ […]