भले ही हमें भूल, बसे तुम । फिर भी हमें याद हरपल रहोगे । जब करेगे हम, शाला में जलसा, तुम इसकी फिजाओं में हरदम रहोगे । तेरी बगिया की क्यारी हरी हो गई है। […]