लहू के हरेक बूँद से लिखी हुई कहानी है I मेरे हिन्द की आजादी की गाथा जरा निराली है II विश्वास की नदियाँ यहा, निश्छल सा प्यार था कभी रहते खुशी से सब यहा, न […]

ये लहू कह रहा है कि भूल न जाना, न हम कर सके जो वो करके दिखाना, हम मिटे सरहदो पे कोई गम हमें नहीं इस हिन्द की आजादी का , न कोई मोल तुम […]

ये लहू कह रहा है कि भूल न जाना, न हम कर सके जो वो करके दिखाना, हम मिटे सरहदो, पे कोई गम हमें नहीं इस हिन्द की आजादी का , न कोई मोल तुम […]

स्वर्णिम ओज सिर मुकुट धारणी,विभूषित चन्द्र ललाट पर गुंजन करे ये मधुर कल-कल, केशिक हिमाद्रि सवारकर आभामय है मुखमडंल तेरा, स्नेहपू्र्णिता अतंरमन। अभिवादन माँ भारती, मातृभूमि त्वमेव् नमन।। बेल-लताँए विराजित ऐसे, कल्पित है जैसे कुण्डल […]

क्या है भारत । एक कल्पना है ये भारत, हरिअर वन-खलिहानो की रहे सूखी जहाँ ये धरती तो उसे भारत नही समझना एक उम्मीद है ये भारत, जो नित् पथ दिखाए जग को बिखरे जो […]

बेखौफ है हम, देखो इस जहाँ से जो संग मेरे तू है इतमिनान से बीते साये में तेरे ये दिन तुम्हें कह रहा हूँ यारा ईमान से कहीं मुस्कुराहट है बिखेरती ,ये बिमारी मेरी मुश्किलों […]

उथल-पुथल जमीं कहीं पे, हो रहा शिथिल अभिमान I प्रतीत तो ये हो रहा, आज अकेला हिन्दुस्तान II यहाँ लुट रही है अस्मिता, पर उनको ये परवाह क्या ? टूट जाए आशियाँ पर, उनके लिए […]