तै कहूँ जा मोर आँखि के आघू म रैबे भले तोला लागहि कोनो नई देखत हे पर तय का जानिबे मोर नजरे नजर म झूलत रथस कभू मोर पीठ म छुरा झन घोपबे प्रेम म […]