1.) क्या मैं सिर्फ ‘मैं’ नहीं रह सकता? दूसरों के लिए मरते-मरते जीना, मैं नहीं सह सकता। अपने ख्याल, अपने वसूल क्यों मुझ पर लाद देते हो तुम क्या देख नहीं सकते, जिंदगी भुनती चली […]