Kamlesh Kaushik, Author at Saavan's Posts

नमन करो उन वीरों को

शहीदों को नमन ****** नमन करो उन वीरों को जिनसे से यह देश हमारा है उनके साहस के दम पर महफूज घरों में रहते हैं । उन वीरों के दम से अपनी होली और दिवाली है मावस की काली रातें उनके दम से उजियाली हैं उनको अपनी मातृभूमियह प्राणों से भी प्यारी है सीमाओं पर बनकर प्रहरी शेर शूरमा तने हुए । राष्ट्र प्रेम की खातिर अपना वो सर्वस्व लुटाते हैं मातृभूमि की रक्षा हेतू अपनी जान गंवाते हैं तन मन धन से सैनिक अपना पूर... »

ज्ञान दीप प्रज्ज्वलित करके

***†**†*ज्ञान दीप प्रज्ज्वलित करके उजियारा कर दें हर और रोशन हो जाएं सब राहें ऐसा फैला दें आलोक। आतंकवाद बढ़ गया धरा पर । आतंकित है हर प्राणी धरती से अम्बर तक अब तो आतंकवाद का फैला शोर ज्ञानदीप प्रज्ज्वलित करके उजियारा कर दें हर और रोशन हो जाएं*** ऋषियों की है वसुंधरा यह भूल गया क्यों मानव आज अस्थि देकर दान यहीं पर लिखा दधीचि ने इतिहास घूम घूम घर घर गौतम ने दिया जगत को ज्ञान प्रकाश । प्राण जाएं पर ... »

काँटों से घिरे चमन में

काँटों से घिरे चमन में खुश्बू की तमन्ना न कर रात के घने अंधेरों में रौशनी की तमन्ना ना कर – कमलेश कौशिक »