
Author: Kislay
-
रंग
बेवजह शिकायते छोड़ दे आ जा
रंग मौसम से मांग के आ जा
अब के होली में अपने घर आ जाकुदरत ने कितने रंग ढ़ा रे है
लूट ने मेरे संग मलंग आ जाआ के रह ना जाय मुझ को मलाल कोई
साकी बाकी ना रहे मुझ में ख्याल कोई
कर दे मीरा मुझ को हो के तु श्याम आ जा
#KislayKumar -
Dilo jajbaat per nazar rakhiye
दिलो ज्जबात पर नजर रखिये
गुमशुदा कुछ ना हो ये खबर रखिये
दिल ना टूटे ज्जबात भी नहीं चटके
दिल की दहलीज पर यूँ नजर रखिये “ -
phakat si baat hai yara
फकत सी बात हैं यारा
ये आँखे बोल देती हैं
छूपाना चाहता हैं तु
मगर ये राजे
खोल देती हैं
पुरानी यादो के वो मंझर
ज़मी पे पावं रखते थे
बगल कि एक झोली में
करो ड़ो दाव रखते थे
कसक उंन बीते दिनो
ठशक सी रोज देती हैं
समय का दौर एेसा हैं
ज़रा इसको गुजरने दो
और हमारा दौर आने दो



