बचपन साथ बहारें देखें बड़े हुए बंटवारें देखें फिर आँगन में धुप ना आयी आँखे अब दीवारें देखें चल फिर रेत के महल बनायें और नदियों की धारें देखें मंदिर में तो मिला नहीं रब […]