प्रेयसी तुम प्रेरणा हो मेरी हर एक शायरी का । जब मैं करता हूँ किन्हीं दो पंछियों का प्रेम वर्णन जब प्रशंसा में प्रकृति की गढ़ता हूँ मैं शब्द अनगढ़ याद करता हूँ मिलन तब […]