Author: MS Lohaghat

  • माता-पिता दाता इस जिंदगी के

    माता-पिता दाता इस जिंदगी के
    माता- पिता देवता जिन्दगी के।
    भाई है सचमुच भुजाओं की ताकत,
    वरदान बहनें इस जिन्दगी के।
    पत्नी में सारी सरसता बसी है,
    उसी में समाये पल जिंदगी के ।
    बच्चों से गूंजे घर और आंगन
    ये ही तो हैं रौनक इस जिंदगी के।
    चाचा जी, ताऊ, बुआ भतीजे
    सभी हैं सितारे इस जिंदगी के।

  • लक्ष्य पाने जूझ जाता हूँ

    जहाँ संघर्ष दिखता है,
    वहां पर कूद जाता हूँ।
    यहीं पर हूँ गलत मैं
    लक्ष्य पाने जूझ जाता हूँ।
    हृदय है कोमल कवि कलम है
    सत्य लिखता हूँ,
    नए उत्साह का संचार हो
    नवगीत लिखता हूँ।

  • आंसुओं में सने से

    सामने थी, मगर
    कुछ न कह पाये हम
    बिन कहे अपने दिल की
    न रह पाये हम।
    कुछ न बोले मगर
    कह दिया हाल सब,
    आंसुओं में सने से
    दिखे गाल तब।

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