Author: Neelam Tyagi

  • क्यों तुम मेरा पता पूछते हो

    नहीं है कोई खबर मुझे खुद की
    क्यों तुम मेरा पता पूछते हो

  • खुद को खामोश ही पाती हूं मैं

    तुझसे कहां कुछ कह पाती हूं मैं
    जब भी तुम होते हो सामने
    खुद को खामोश ही पाती हूं मैं

  • अधूरा

    हमेशा किसी की तलाश रहती है मुझे
    लगता है जो कुछ है वो अधूरा है
    अल्फ़ाजों में कहां समाता है
    जो जहन में गूंजता है वो ही पूरा है

  • कितने चेहरे

    कितने चेहरे सामने आते जाते है हर रोज
    फिर क्यों कोई इक चेहरा दिल में अटक जाता है

  • फीकी जिंदगी

    कौन सा रंग भरू,
    किस रंग से उकेरू मैं जिंदगी की तस्वीर
    फीकी जिंदगी को र्ंग नही जचते|

  • बारिश

    बारिश भी कहीं भी कभी भी हो जाती है
    सूखे मन को नम कर से ऐसा कोई नहीं

  • परवाह करे कोई

    परवाह करे कोई, किसी को हमारा भी ख्याल हो
    किसी की जुबां पे कभी हमारा भी सवाल हो

  • Kisi ko shikayat he,

    Kisi ko shikayat he,

    kisi ko gila he

    Hum magar beparvaah he,

    Nahi matlab agar koi jala he

     

  • नीलम

    नीले आसमान में कहीं अपना नाम लिख दूं
    ख्वाहिश है हर चीज को नीलम कर दूं
    वक्त कभी हमारा भी आयेगा ऐ दोस्त
    दुनिया मे में मैं अपना रंग भर दूं

  • कुछ रिश्ते खास होते है

    कुछ रिश्ते खास होते है
    दूर होते है, फिर भी पास होते है
    कैसे करे बयां, इन अहसासो को
    लफ़्ज कहां इतने खास होते है

New Report

Close