बहुत याद आते हैं वो दिन जब हम भी स्कूल जाते थे पीठ पर बस्ता, गले में बोतल खेलते- कूदते पहुँचते थे। कक्षा की वो प्रिय अध्यापिका प्यार से हमको पढ़ाती थीं जब भी कुछ […]

एक माँ ही तो है जिसने मुझसे और मैंने उससे बिना एक दूजे को देखे बेपनाह प्रेम और साथ निभाया है। एक माँ ही तो है जिसने मेरे बिना कुछ बोले मेरी हर एक बात […]

न ही उठानी है तलवार न ही उठाना है हथियार उठानी है बस हाथ में झाड़ू जिससे भारत हो खुशहाल न ही थूकना दीवारों पर न कूड़ा फेंकना इधर उधर कूड़ेदान का उपयोग खुद करके […]

गणतंत्र दिवस है देखो आया झंडा हम फहरायेंगे अपने शहीदों को याद कर श्रद्धा सुमन चढ़ाएंगे गणतंत्र दिवस….. अपने देश में भारत माँ के नारे हम लगाएंगे शहीदों की बलिदानी को बच्चों को बतलायेंगे गणतंत्र […]