ऊँगली पकड़कर तूने चलना सिखाया, हमारे मन से तूने डर को मिटाया । जो चाहे वो सबकुछ लाके दिया, बदले में हमसे कुछ नहीं माँगा । अपना दुःख तू सबसे छिपाती है, ओ माँ ! […]