*एक विदाई गीत* हरे हरे कांच की चूड़ी पहन के, दुल्हन पी के संग चली है । पलकों में भर कर के आंसू, बेटी पिता से गले मिली है । फूट – फूट के बिलख […]

  सुनो शारदे ज्ञानदायनी, विनती मेरी बारम्बार । भँवर बीच में नैया मेरी, आकर मात लगाओ पार ।। तम का साया मुझ पर छाया, अंधकार से मात उबार । मुझे सद्बुध्दि स्मरण शक्ति दो, मिट […]

विधा : तांटक छंद यह परियों की एक कहानी,परिस्तान से मैं लाया । देख रहा था यह सब छुपकर,तभी अचानक वो आया ।। चन्द्र वदन कंचन सी काया, सब कुछ परियों सा पाया । ऐसा वैसा […]

गरीबी में पला बड़ा,धूप छाँव रहा खड़ा, मजबूरी में पनपा,किस्मत का मारा है । मेहनत पर जीता रहा,हर गम पीता रहा, देख कभी लेता नही,किसी का सहारा है । दो समय के खाने को,लेता नही […]

????मेरी माँ???? मेरे दिल की बैचेनी को,खुद जान लेती है माँ, मेरे गम को मिटाकर,मुझे ख़ुशी दे देती है माँ, जिंदगी की धूप में,छाया बन साथ देती है माँ निकलता हूँ रोज़ सुबह,घर से जब […]

मैं हूँ एक नन्ही कली जरा मुझको तू खिलने देना, होगा तेरा उपकार बड़ा मुझे इस दुनिया से मिलने देना, मैं हूँ एक नन्ही कली जरा मुझको तू खिलने देना, मान बढ़ाउंगी हरपल तेरा इतना […]