मुद्दत बाद ए दोस्त भेजा उसने मेरे नाम इश्क़ ए पैगाम। गुजर गया वो जमाना कभी याद करते थे उनको सुबह शाम।। न मै बेवफा थी न वो बेवफा था बेवफा था ए ज़ुल्मी जमाना।। […]

सावन के एक एक बूंद जो गिरा मेरे होंठो पे। कैसे बयां करू अपनी दास्तां इन सुर्ख होंठो से।। उन्हें क्या पता कब चढी सोलहवां सावन मुझ पे। आ कर एक मर्तबा देख तो ले […]

आज की रात कयामत की रात है। गर तुम हो मेरे साथ तो जन्नत की बात है।। थी जुस्तजू तुम्हें पाने को मगर। क्या करू सब की अपनी मुकद्दर है।। डर है मुझे कहीं ए […]

राह में रोडे़ है ए नारी तुझे चलना ही होगा। दुःख सहने वाली ए देवी तुझे जीना ही होगा।। माना कि, पुरूष के हाथों तू हमेशा छलती आई। फिर भी हर हाल में तुझे मुकाबला […]

उनके मस्त अदाओं के जाल में,हम गिरफ्तार हो गए। जुस्तजू के मेले में हमारी मुकद्दर, हम से ही खफ़ा हो गए।। वफा से बे -वफा बनेंगे वो , हमने ऐसा सोचा ही कब था । […]

नजर मिला के मेरे हमराज़ वहाँ छोड़ा । देखने आते हैं दो गुलाब जहाँ तालकटोरा।। ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, इश्क़ -ए-राहत के दवा लाया जब इन्दौर से। उतरने लगा तब इश्क़ -ए- जुनून मेरे सिर से।।

रात के अंधेरे में मुंह छुपा कर चलने वाले . एक न एक दिन तुम्हें उजाले में आना ही पड़ेगा। अपने किए करनी के हिसाब ए चतुर इन्सान, दुनिया के सामने तुझे रखना ही पड़ेगा […]

हो….. सुन ऽऽ ए चँदनिया, सुन ऽऽ ए दिलजनिया जियरा मे सटायी के, लहराई ल ऽऽ चुनरिया हो…… सुन ऽऽ ए चँदनिया, सुनऽऽ ए दिलजनिया …………………………………………………………………………….. गर न तोहके नियरा हम अवऽती प्यार हम तोहसे […]

बसंत ऋतु में जब बहा बसंती ब्यार। गिरने लगी आसमान से सावन के फुहार।। कहीं दूरऽ से जब कोयलिया मधुर गीत सुनाए । दिल के बगिया में सैंकड़ों कलियां खिल जाए।। ए रिमझिम के नजारा […]

आओ साथी करे हम कोरोना पे कड़ाई। यही से होगी हमारी भारत की लड़ाई ।। वार पे वार हम सहते गए,अब न सहेंगे । चलो चलें हम करे पीड़ितों की भलाई।। यही बनता है हमारा […]

,,,,,,क्या कम है (कविता) Independence day कौन कहता है हमारे वतन में, प्रेम की गंगा नहीं बहती है। हिमालय से गंगा, यमुना, और सरस्वती के मिलन ए क्या कम है? यही वो देश है जो […]

आँखों में अश्क लिए शायद,मेरे कब्र पे आ गया है कोई। मैं नहीं था बे-वफा शायद, यही गीत गुनगुना रहा है कोई।।

सावन में सावन में, एहे बरस के सावन मे आवऽ न गोलकी झूला झूलाईं एहे बरस के सावन मे सावन में सावन में , एहे…………………………………….. आवऽ न गोलकी झूला झूलाईं………………………….. +++++++++++++-+++++++±+++±+++ साजन बऽनऽब हम सजनी […]

सावन में सावन में एहे बरस के सावन मे आव न गोलकी झूला झूलाईं, एहे बरस के सावन मे सावन में सावन में एहे……………………………………………. आव न गोलकी झूला झूलाईं…………………………………. +++++++–+++++++++++++++++++++++++++++ साजन बनब हम सजनी तोहार […]

ए साजन आम के बाग में, झूला लगा दे। अब की बरस सावन के मधुर गीत सुना दे। रिमझिम बारिश में भीगे है मेरा तन बदन मोरनी की भाँति मै बलखाउँ ऐसा एक धून बजा […]

पतझर के मौसम उस पे बसंत बहार आसमान से बरसे सावन के फुहार। कहीं मन जले कहीं ख्वाबो के आशियाना जले यही मौसम में होता है अपनो से अपनो का प्यार।। बिन पायल के पग […]

कविता ऐसा एक भारत बनाए नैतिकता क अभाव में, हमने जो स्वच्छता को अपनो से अलग किया। तरह तरह के बीमारियों को गले लगा कर, अपना अनमोल जीवन नष्ट किया।। आओ हिन्द देश के निवासी, […]

कविता ऐसा एक भारत बनाए नैतिकता क अभाव में, हमने जो स्वच्छता को अपनो से अलग किया। तरह तरह के बीमारियों को गले लगा कर, अपना अनमोल जीवन नष्ट किया।। आओ हिन्द देश के निवासी, […]

कविता कोरोना से डरो ना स्वच्छता को अपनाओ, कोरोना को ठेंगा दिखाओ। जहाँ से आया हमारे देश में, उसे वहाँ भगाओ।। चारो तरफ मचा दिया कोहराम, परेशान हो गए हैं हम। महाकाल न रहे हमारे […]

स्वच्छता के डगर पे, देशवासीयो दिखाओ चल के। करोना भागेगा डर से, तुम और हम ही योद्धा है आज के।। पल दो पल के जीवन में, क्यों गँवाए हम जान के। बल बुद्धि दिया भारत […]