Author: Prajakta Joshi

  • कविता

    कविता… क्या होती है कविता?
    मन की भावनाओंका का दर्पण होती है
    अल्फाजोंका समर्पण होती है
    कभी हसाती, कभी रुलाती है
    कविता… जो दिल को छू जाती है |

    कवी के मन की कल्पना होती है
    समंदर में उठती जैसी लहरे होती है
    मेहकती जैसी फुलो की बगिया होती है
    कविता.. जो दिल को लुभाती है |
    कभी दोस्ती का पैगाम होती है
    कभी जिंदगी बयान करती है
    समझो तो आसान लगती है
    कविता… जो दिल से निकलती है |

    कभी अकेलेपन का साथी होती है
    कभी मेहफिल कि शान होती है
    अपने पराये कभी भेद ना करती है
    कविता… जो दिल से अपनी लगती है |

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