मैंने तुम्हारा इंतज़ार किया था दिन के हर पहर , अनगिनत शामें हर चमकती काली रात में बरसते सावन के हर फुहार ,पवन, हर बयार में तुम बिन सुने पड़े आंगन के दरवाजे कि हर […]