तुमसे कहने थे जो शब्द, आज भी अधर पर अटके हैं वो तुम्हारे दिए फूल आज भी, सहज कर रखते हैं और तुम कहती थी.. तुम कहते वादा करो मुझसे, ना छोड़ोगे कभी मुझे तुम […]

तुमसे कहने थे जो शब्द, आज भी आधार पर अटके हैं वो तुम्हारे दिए फूल आज भी, सहज कर रखते हैं और तुम कहती थी.. तुम कहते वादा करो मुझसे, ना छोड़ोगे कभी मुझे तुम […]