************************* अन्याय हुआ शोले उठे अब सभी शोर रूक जाएँगे सात दशक आजादी के जैसे फिर बहार चमन में आएँगे शहीद हुए जो मातृभूमि पर यही शब्द रह जाएँगे वतन पर मिटने वालों के बस, […]

************************** बढ़ रहे बलात्कारी चीख रही भारत की नारी आज के मायावी राक्षसों से भगवान भी घबराता है इसलिए द्रोपदी की लाज बचाने कोई कृष्ण नहीं आता है आखिर ऐसा क्यों होता है ? सरकार […]

************************* ललकार हमें न ए जालिम अब हमें नहीं सहना है खबरदार ए सरहद पार कश्मीर हमारा अपना है मत दोहरा इतिहास भूल से इतिहास नया बना के देख यारी को उत्सुक ये धरती हाथ […]

************************ दीवाली सा हर दिन लगे दशहरे सी रात होली जैसी दोपहरी हो रोज खुशी की बात पर, आज दीया जले आगजनी सा रामराज में रावण पलता गुलाल में है बारूद का असर घड़ी-घड़ी अन्याय […]

******************** अपनी सांसों में उर्जा भरकर निर्माण जो करता नवयुग का औरों को सुख-सुविधा देकर करे सामना हर दुख का जो रूके अगर, रूक जाए दुनियां सारे जग का रीढ़ वही जोश, लगन, संकल्प है […]

******************** साथी चल कुछ कर दिखलाएँ अमन- चैन के गीत सुनाएँ शोषण, घुसखोरी, गद्दारी अन्याय, अनाचार, भ्रष्टाचारी गली-गली नफरत का जहर द्वार-द्वार मच रहा कहर मिलकर आओ दूर भगाएँ साथी चल कुछ कर दिखलाएँ **************************