Author: Rakhi Gupta

  • आज टूट गये हम

    आज टूट गये हम
    तुम्हारे वादों की तरह
    बरस गयी आंखे हमारी
    बावरे सावन की तरह

  • चाय में डूबे बिस्किट

    चाय में डूबे बिस्किट
    सी हो गयी है जिंदगी
    कब टूट जाये,
    कब घुल जाये
    खबर नहीं

  • दिल की बात

    सुना है
    बिन कहे
    दिल की बात
    समझ लेते थे.
    गले लगते ही
    दोस्त हालात
    समझ लेते थे

    तब ना फेसबुक
    ना स्मार्ट मोबाइल था
    ना फेसबुक
    ना ट्विटर अकाउंट था
    एक चिठ्ठी से ही
    दिलों के जज्बात
    समझ लेते थे

  • देखा जीवन

    है देखा जीवन को रोते हुए
    बिन छत भूखे सोते हुए
    था चुना किसी को जिम्मे पर
    वो निकल गया सब लेते हुए

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