चाय में डूबे बिस्किट
सी हो गयी है जिंदगी
कब टूट जाये,
कब घुल जाये
खबर नहीं
चाय में डूबे बिस्किट
Comments
9 responses to “चाय में डूबे बिस्किट”
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🤐
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Thanks for comment
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वाह
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Thanks
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nice
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Thanks
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भावना अच्छी है परंतु उपमा नहीं
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बहुत खूब
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जिंदगी की तुलना बिस्किट से की गई है यह एक नवीन प्रयोग है तथा बहुत ही सुंदर प्रयोग है
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