जो भी जी में आए फेकिए जनाब तवा पे अपनी रोटी सेकिए जनाब गाय के नाम पे इंसानों को बाँटिए फिर तमाशा गौर से देखिए जनाब बाकी सब को भुला दीजिए आप बस खुद का […]

इस कागज़ी बदन को यकीन है बहुत दफ्न होने को दो ग़ज़ ज़मीन है बहुत तुम इंसान हो,तुम चल दोगे यहाँ से पर लाशों पर रहने वाले मकीं* हैं बहुत भरोसा तोड़ना कोई कानूनन जुर्म […]

खून का रंग- कैसे तय होता है? विज्ञान की मानें तो आर बी सी से परिवार की माने तो माँ-बाप से समाज की माने तो जाति, धर्म,वर्ण से राजनीति की माने तो वोट और नोट […]