जब रात बरस कर आंखों से बरसातों की बात छिड़ी जब काले काले गिद्धों ने चीड़ दिया मन की देहरी जब लाँग चिता की अग्नि को चित्कार से बरबस की संधि जब अधरों पर यम […]