वो रोती रही रात भर इसलिये कि सरहद से आई खबर इसलिए। बड़े नाज से उसने पाला जिसे वो आया तिरंगे में घर इसलिए। सुहागन लगी चूड़ियाँ तोडने चलेगी अकेली डगर इसलिए। कोई तो मिलेगा […]

हाल ए दिल अपना कभी हमसे सुनाया न गया साथ मुश्किल तो न था तुमसे निभाया न गया। आए महफिल में वो मिलते रहे अपने बनकर जख्म एैसा मिला जो हमसे भुलाया न गया। नाम […]