मैं सकुचाई, संभली खड़ी थी जब उनसे मुलाकात हुई लेकिन पूर्ववत नहीं कुछ अलग था कुछ नया था पहले प्रेम का एहसास लिपटे हुए असीम शांति के ओट से जैसे किसी सूफी को मिल गया […]