कैशलेस होने में हर्ज क्या है? फिर सोचा ये मर्ज क्या है? गौर किया तो कुछ तस्वीर यूँ उभरी। मेरे घर आने वाली वो अनजान वृद्धा , बाला जी से तानपूरा लेआने वालेभक्त। वो कभी […]

तकदीर का क्या, वो कब किसकी सगी हुई है। दुनिया अपने हौसले से ,जमीं हुई है। खुशफहमी ना पाल कि नसीब से सब मिलेगा। कर्म करने से ही ये आसमाँ झूकेगा। लाख लगाओ फेरे ,मन्दिर, […]

कल कुछ अलग से अनुभव हुए बैंक के बाहर। कविता के माध्यम से करते हैं शेयर आपके साथ। आज हर शख्स गुमशुदा है ,बैंक के बाहर। छोड सब काम छूट्टे के जुगाड में लगा था। […]

सदियों से रहा है सोने की चिडिया ये मेरा देश , मुफलिस में फँसा जीवन कैसे सम्भाला जाएगा। भूख से बैचन हैं यहाँ इन्सान की आत्मा। जाने कब पेट में इक निवाला जाएगा। इक तरफ […]

दोस्ती आपकी इक तौफा थी हमारे लिए। कद्र हमसे ना हुई,जो जुदा इस तरह हुए। हमने भी तो कुछ ,ज्यादा नहीं माँगा था आपसे। इतना सा त्याग कर सके ना आप हमारे वास्ते। महफिल म़े […]

जश्ने आजादी का पल है,आओ खुशी मनाएँ। आसमान फहरे तिरंगा, जन गण मन हम गाएँ। कालिमा की बीती रातें ,आया नया सवेरा। प्रगति -पथ परआगे ,बढ रहा देश अब मेरा। अरूणदेव की नूतन किरणें ,नया […]