हवा के नर्म परों पर सलाम लिखती हूँ गुलों की स्याही से जब जब पयाम लिखती हूँ बड़ा सहेज के रखती हूँ तेरे खत सारे जो सुब्हो शाम मैं तेरे ही नाम लिखती हूँ जिसे […]

दूर रह कर कभी दूर नहीं रहता है मेरी चाहत है सदा दिल के मकीं रहता है देखिए दिल और नज़र में है ताअल्लुक कैसा चोट लगती है कहीं दर्द कहीं रहता है बामो दर […]

गीत बुलबुल सुनाती रही रात भर दिल में अरमां जगाती रही रात भर वादे गिनते रहे तेरे तारों के संग चाँदनी दिल जलाती रही रात भर ज़द पे किसने हवाओं की छोड़ा इसे शम’अ ये […]

खयाले यार से दिल खुशगवार कर लेंगे मिला न तू तिरे ख्वाबों से प्यार कर लेंगे नसीब सबको नहीं हैं गुलाब की राहें नहीं हैं फूल तो काँटो से प्यार कर लेंगे किसी के वादे […]

तेरी आँखों में रहूँगी तो सँवर जाऊँगी गर तेरे बदले मिले दुनिया मुकर जाऊँगी ख्याल हूँ कैद न कर तू मुझे इन पलको में खुशबू बन तेरा मै दामन छू गुज़र जाऊँगी छूना मत तल्ख़ […]

  निगाहें उठाकर जिधर देखते हैं तुम्हें बस तुम्हें हमसफर देखते हैं उडीं हैं गुबारों सी अब हसरतें भी खड़े हम तो बस रहगुजर देखते हैं न कर पाई आबाद शहरों की बस्ती तो वीरान […]

न बाँधों मन पतंग को,उड़ जाने दो नवीन नभ की ओर हंस सम भरने दो,अति उमंग मे नई एक उड़ान स्वतंत्र भावों की डोर मे बंध निर्भय,करने दो अठखेलियाँ स्वच्छंद न खींचो धरा की ओर,बाँध […]

देखिए आज ज़माना भी नहीं अच्छा है इस तरह घाव दिखाना भी नहीं अच्छा है हम खतावार नहीं खता फिर भी मानी दिल बिना बात दुखाना भी नहीं अच्छा है दिल घिरा गम के समंदर […]