Author: sunil verma

  • वक्त मुश्किलों से भरा है

    हम सब परेशान है
    ये वक्त ही मुश्किलों से भरा है
    सब रास्ते है खुले
    और सड़के भी साफ है
    एक किनारे पर है चलना
    दुसरे पर मौत है
    ज़िंदगी की इस सफर में
    सब मौत से डरा है
    हम सब परेशान है
    ये वक्त ही मुश्किलों से भरा हैं
    हर कोई कोशिशें कर रहा है
    ज़िंदगी में खुशियाँ लाने की
    हर एक की ये चाह है
    की ज़िंदगी में हो खूशी
    ज़िंदगी का दर्द है
    और मौत का है खौफ
    रोज रोज ये ज़िंदगी
    रोज रोज ये मौत
    मौत का है ज़ोर पर
    जीने का फैसला हैं
    हम सब परेशान हैं
    ये वक्त ही मुश्किलों से भरा है।।

  • नैना मूंद मूंद जा…

    नैना मूंद मूंद जा
    सोना नहीं वे सोना नहीं
    काटे जग बैरी तो
    रोना नहीं वे रोना नहीं
    किस जहाँ में
    ले आ गयी है हवाएँ
    इस जहाँ में
    होते हैं अपने पराये
    मतलब की भिड़ है
    खोना नहीं वे खोना नहीं
    नैना मूंद मूंद जा
    सोना नहीं वे सोना नहीं
    ढूंढो डगर ना ऐसे खफा हो
    मन में उम्मीदें रख कर
    चलो वहां जहां कोई भी ना हो
    मन में उम्मीदें रख कर
    जहां दिल तेरा चाहे
    तू जा वहीं वे तू जा वहीं
    नैना मूंद मूंद जा
    सोना नहीं वे सोना नहीं
    काटे जग बैरी तो
    रोना नहीं वे रोना नहीं।

  • आँगन खुन्दी लो सांवरो,,,

    आँगन खुन्दी लो सांवरो,,,
    जीवन संवार दो हमरी,,,,
    चरणों की रज बनायी के
    कर दो कृपा एक आंखरी
    आँगन खुन्दी लो सांवरो ,,,,
    जीवन संवार दो हमरी,,,,
    हम पर विपत्तियों की
    जब जब बही है धारा
    तेरा ही तो आसरा है
    तेरा ही तो है सहारा
    इतना करी दो सांवरो
    हो पास हम तेरे ही
    आँगन खुन्दी लो सांवरो,,,
    जीवन संवार दो हमरी,,,
    _____✍

  • कैसा है ये खयाल,,

    कैसा है ये खयाल
    ऐसा है अपना हाल
    जैसे,,,,
    लठ्ठे जल के
    बनता हो राख
    राख के भीतर
    छोटी सी आग
    आग मरता
    रहता है
    हाल अपना
    वैसा है,,
    जैसे,,,,,
    गर्मी के दिन में
    सूरज कि ताप
    मन में रखकर
    बरखा कि याद
    ताप पत्थर
    सहता है
    हाल अपना
    वैसा है,,,

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