हम सब परेशान है ये वक्त ही मुश्किलों से भरा है सब रास्ते है खुले और सड़के भी साफ है एक किनारे पर है चलना दुसरे पर मौत है ज़िंदगी की इस सफर में सब […]

नैना मूंद मूंद जा सोना नहीं वे सोना नहीं काटे जग बैरी तो रोना नहीं वे रोना नहीं किस जहाँ में ले आ गयी है हवाएँ इस जहाँ में होते हैं अपने पराये मतलब की […]

आँगन खुन्दी लो सांवरो,,, जीवन संवार दो हमरी,,,, चरणों की रज बनायी के कर दो कृपा एक आंखरी आँगन खुन्दी लो सांवरो ,,,, जीवन संवार दो हमरी,,,, हम पर विपत्तियों की जब जब बही है […]

कैसा है ये खयाल ऐसा है अपना हाल जैसे,,,, लठ्ठे जल के बनता हो राख राख के भीतर छोटी सी आग आग मरता रहता है हाल अपना वैसा है,, जैसे,,,,, गर्मी के दिन में सूरज […]