डिप्रेशन सी जिंदगी मे चाय सा सुकून हो तुम सुखे हुए खयालो की संजीवनी बुटी हो तुम तपते रेगीस्तान मे मिली मधुर पानी की बुंद हो तुम बांधे हुए दिल को मिली जशन-ए-आजादी हो तुम […]
डिप्रेशन सी जिंदगी मे चाय सा सुकून हो तुम सुखे हुए खयालो की संजीवनी बुटी हो तुम तपते रेगीस्तान मे मिली मधुर पानी की बुंद हो तुम बांधे हुए दिल को मिली जशन-ए-आजादी हो तुम […]
*एक अनदेखे जंतू ने किया सबको ढेर* क्या नही तुमने किया क्या नही हमने कीया कंबरे मे रेहके बंद सबने नजाने काटे कितने पेहेर एक अनदेखे जंतू ने किया सबको ढेर सेवको के लिये ताली […]
वो भी क्या दौर था जवानी का पहला पहला साल था इनायत थी परवरदिगार की अचानक वो रूबरू हुआ था । पेहेली नजर में दिल दे बैठा था में शायद फ़तेह पाली थी उसने मेरी […]
सोच रहा था की काश मोहब्बत मे भी चुनाव होते एकदम खुल्लमखुल्ला प्रचार होते ऐसा गजब भाषण देते के एक ही रॅली मे आपको अपना बना लेते
तेरे प्यार मे इतने दिवाने थे मेरे सनम के तेरे नाम को अपनी हतेली पर जबरन जोड चुके थे हम अच्छी वाली जिंदगी का ख्वाब तेरे संग ही बुना करते थे हम एक पल भी […]
का दूर राहतेस तू , स्वप्नात पटकन येत जा डोळ्यांच्या पडद्यामागे , सुंदर आठवणी देत जा तुझी आठवण आली कि जीव कासावीस होतो whatsapp facebook चे फोटो बघून तात्पुरता मी खुश होतो का दूर राहतेस […]
एक जैसे मुसफिरोकी मुलाकात हुई थी अर्सो बाद जिंदगी आफरीन हुई थी एक जैसे मुसफिरोकी मुलाकात हुई थी शकसियत तो सबकी बेबाक थी जमुरियत मे थोडी, मुरझा सी गयी थी जब आन पडे आमने सामने […]
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