Swapnil Satpute's Posts

कैसे बताउ तुम्हे के क्या हो तुम

डिप्रेशन सी जिंदगी मे चाय सा सुकून हो तुम सुखे हुए खयालो की संजीवनी बुटी हो तुम तपते रेगीस्तान मे मिली मधुर पानी की बुंद हो तुम बांधे हुए दिल को मिली जशन-ए-आजादी हो तुम नजाने कितने सालो से अनकही एक हसरत हो तुम इत्तेफाक से बनी खास एक एहसास हो तुम गेहेरे जखमो पे लगाया थंडा मरहम हो तुम थके हुए मुसाफिर की आखरी मंजिल हो तुम खामोश हुइ जुबान मे अनगीनत अल्फाज हो तुम कैसे बताऊ अब के क्या क्या हो तुम एक तुट... »

*एक अनदेखे जंतू ने किया सबको ढेर*

*एक अनदेखे जंतू ने किया सबको ढेर* क्या नही तुमने किया क्या नही हमने कीया कंबरे मे रेहके बंद सबने नजाने काटे कितने पेहेर एक अनदेखे जंतू ने किया सबको ढेर सेवको के लिये ताली बजाई गरिबो के लिये बीछाई चटाई सात बजे जब हुई अंधेर जलाने मे दिये, हुइ नही देर एक अनदेखे जंतू ने किया सबको ढेर कपाट भव्य मंदिर के बंद है गिरीजाघर भी सुन्न पडे है काहेकी अयोध्या और काहेका अजमेर एक अनदेखे जंतू ने किया सबको ढेर समाचा... »

एक तरफ़ा प्यार – एक सच्चा ,अजीज़ एहसास

वो भी क्या दौर था जवानी का पहला पहला साल था इनायत थी परवरदिगार की अचानक वो रूबरू हुआ था । पेहेली नजर में दिल दे बैठा था में शायद फ़तेह पाली थी उसने मेरी रूह पे शायद मुद्दतो बाद आया नया एहसास था वो शायद एक तरफ़ा प्यार का आगाज़ हुआ था शायद । याद है मुझे उस शाम का वो तूफ़ान हरे रंग का चूड़ीदार था उसका पेहरान हुई थी उससे पेहेली जान पहचान आने वाली जुदाई से पूरी तरहसे अनजान बिना वजह मुस्कुराना अब आम था दिल क... »

काश मोहब्बत मे भी चुनाव होते

सोच रहा था की काश मोहब्बत मे भी चुनाव होते एकदम खुल्लमखुल्ला प्रचार होते ऐसा गजब भाषण देते के एक ही रॅली मे आपको अपना बना लेते »

तेरे प्यार मे

तेरे प्यार मे इतने दिवाने थे मेरे सनम के तेरे नाम को अपनी हतेली पर जबरन जोड चुके थे हम अच्छी वाली जिंदगी का ख्वाब तेरे संग ही बुना करते थे हम एक पल भी तेरे बीना गवरा नहीं था मुझे सनम कितने हसीन वो पल थे और कितने सुहाने वो मौसम जीस दिशा तेरे नैन कहे बस्ससस उसी और उड लिया करते थे हम मगर क्यू……… मगर क्यू हुआ तेरा ये दिल अचानक खट्टा क्या अच्छा नही था अपना वो मधूमख्खी का मिठा छत्ता बी... »

का दूर राहतेस तू

का दूर राहतेस तू , स्वप्नात पटकन येत जा डोळ्यांच्या पडद्यामागे , सुंदर आठवणी देत जा तुझी आठवण आली कि जीव कासावीस होतो whatsapp facebook चे फोटो बघून तात्पुरता मी खुश होतो का दूर राहतेस तू , स्वप्नात पटकन येत जा डोळ्यांच्या पडद्यामागे , सुंदर आठवणी देत जा ऑफिस मध्ये काम करतानाही तुझा विसर पडत नाही मित्रांनी मुद्दाम चिडवल्यावर हसल्याशिवाय राहवत नाही डोळ्यांच्या पडद्यामागे,सुंदर आठवणी देत जा उठल्यापा... »

एक जैसे मुसफिरोकी मुलाकात हुई थी

एक जैसे मुसफिरोकी मुलाकात हुई थी अर्सो बाद जिंदगी आफरीन हुई थी एक जैसे मुसफिरोकी मुलाकात हुई थी शकसियत तो सबकी बेबाक थी जमुरियत मे थोडी, मुरझा सी गयी थी जब आन पडे आमने सामने आगाज-ए-नये-दौर की मेहेक आगायी थी एक जैसे मुसफिरोकी…. मुलाकात हुई थी फलसफा उनका एक ही था फिरदोउस भी उनका एक ही था फकत जिस्म थे उनके अलग पर कुरबत सबमे एक सी थी एक जैसे मुसफिरोकी…. मुलाकात हुई थी मयखानो की जरूरत अब फि... »