Tarun Bhatnagar's Posts

किश्तों की मुहब्बत !

किश्तों में ही मिली, तेरी मुहब्बत हमें। जो ना मासिक थी, न ही सालाना। पल दो पल की मुलाकातें थीं। ना रूठना हुआ, ना मनाना। कभी एक-मुश्त मिले होते, तो हम करते जी भर के दीदार तेरा। पर शायद हमारे नसीब में ही नहीं था प्यार तेरा। »

प्यारी पीहू का जन्मदिन

प्यारी सी एक परी, जिसका जादू हर ओर चला है। मेरे भईया-भाभी का घर, जिसने खुशियों से भरा है। मुस्कान जिसकी, दुनियां से न्यारी है। सुरत भी देखो, कितनी प्यारी है। दादी-बाबा, मम्मी-पापा और हम सबकी लाडली। गुड़िया सी वो प्यारी पीहू, इतराती है बर्थडे गर्ल बनी। जन्मदिन पर उसके, ढेर सारा प्यार मिलें। आने वाले जीवन में, खुशियां अपरंपार मिलें। »

रक्षा बंधन

रक्षा का त्योहार है, ये बंधन नहीं है, प्यार है। मूल्य ना आंको भेंट का, यह प्रेम का उपहार है। दुरियां- नजदिकीयां, ये भृम का जंजाल है। भाव बिना हैं तीर्थ क्या, प्रेम हो तो मूरत में भी भगवान हैं। »

पत्नी के लिए संदेश

कभी तुम झगड़ती हो, तो कभी रुठ जाती हो। फिर कभी चाय का कप लेकर, मुझे मनाती हो। पल-पल गुजरती जिन्दगी, रेत सी फिसलती जाती है। ओर तुम सारा दिन, मकां को घर बनाती हो। न जाने किन किन से, कितने रिश्ते निभातीं हो, मुझको भी सामाजिक दायित्व सिखाती हो। तुम्हारे जन्मदिन पर, ढेर सारी शुभकामनाएं। »

भाभी को बधाई

मानों कल हि की बात हो…… एक नन्ही सी गुड़िया, मेरे गुड्डे से ब्याही थी। दुल्हन के लिबास में, आंगन में खिलखिलाई थी। मुस्कुराहट पर उसकी, दुनिया सारी वार दू्ं। दुआओं-आशिर्वाद संग, उम्र भर का प्यार दूं। दाम्पत्य जीवन में जो, अगला कदम बढ़ाया है, उम्मीदों के प्रकाश से, जीवन जगमगाया है। इंतजार के पल जल्द ही थम जायेंगे, घर आंगन में खुशियों के दीपक जगमंगायेगै। अब मैं अपने शब्दों को यहिं विराम दे... »

प्यारी भाभी का जन्म दिन

मां के आंगन को, पकवानों की खुशबू से महकाती है। कभी बहन बनकर, कभी दोस्त बनकर, रास्ता दिखाती हैं। ख़ामोश मुस्कुराहट से ही, सब-कुछ कहजाति है। पर कभी – कभी तो, बड़ी-बड़ी आंखों से हमें डराती है। माना कि भैया ने ढूंढा है, पर हमने तुमको पाया है, हर आशाओं को तुमने, अहसासो से सजाया है। कितना कुछ कहना चाहुं, पर शब्द नहीं हैं कहने को। अब छोड़ो चलो, बातों को बातों के लिए रहने दो। शुभ हो जन्मदिवस, और वर्... »