जिनके आने के ख्वाब में हम पलकों को बिछाये बैठे हैं , वो किसी और के ख्वाबों को पलकों पर सजायें बैठे हैं चलों ये गुस्ताखी भी हम माफ करें , गुफ्त़गू के लिये मुलाकात […]

मासूम निगाहें पलकों पर आश सजोयें अब भी राह ताकती होंगी, सबके खो जाने के गम में छुप – छुप  कर  दर्द  बाँटती  होंगी, वो यादें बड़ी सुनहरी है उनको मैं बार बार दोहराता हूँ, […]

होठों से बयाँ होता है आँखों का दर्द सुनहरा , जब अश्क रूठ जाते हैं किसी बेगाने की यादों में , हर दर्द जवाँ हो जाता बीते हुये हर उस पल सेें, जिनकी यादों की […]