Student At Hansraj college , Delhi University

9 Comments

  1. भीगी पलकों पर ख्वाब समेंटे रात यूँ ही कट जाती हैं ,
    जब इतंजार की घड़ियाँ भी इकरार नहीं ला पाती हैं, …. beautifully expressed!

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