बारिश कि बूंदे दिल का ऐ आलम हो तुम कहाँ..हो तुम कहाँ फूलों की डाली,भवरों का मंडर महकती ये वादी,सावन की ये हरियाली हो तुम कहाँ..हो तुम कहाँ खींचा चला जा रहा हूँ तेरी खुशबू […]