कितना अच्छा होता कि कोई वक़्त को टटोल सकता झाँक सकता उसके पिछले हिस्सों में किस्सों में कोई कमी ना रहती सदा के लिए शायद अगर ऐसा हो सकता या यूं कहो कि बिखरी हुई […]

किसी रोज़ सब साथ होंगे मिलेंगे, बैठेंगे, जुमले फरमाएंगे एक कप चाय के साथ फिर भिड़ जायेंगे वही कल जो बीत गया फिर से दोहराएंगे वो बातें जो अधूरी रह गयी उन्हें पूरा करने आएंगे […]

आसान नहीं है उड़ना कई मर्तबा गिरना होगा   वो जो ठहरे हैं हवा में कभी घसीटे गए होंगे जमीं की धूल में, गर चाह है उस जिंदगी की जिया जिसे तु सपनो में.. ना […]

आसान नहीं है उड़ना कई मर्तबा गिरना होगा वो जो ठहरे हैं हवा में कभी घसीटे गए होंगे जमीं की धूल में, गर चाह है उस जिंदगी की जिया जिसे तु सपनो में.. ना फिक्र […]

ठहरा दे इस वक़्त को ये वक़्त गुज़र जाएगा कुछ बात अब भी है हलक तक वो एहसास बयां ..करने तो दे | गफलत हुए अरसा हुआ पर मलाल उसका.. ज़िंदा है गर ना करे […]