Author: vishal nayak

  • हम ना बदल पाएँ

    मुस्किल हुआ दिल को समझाना
    मुस्किल हुआ रूठोंं को मनाना
    कितना बदल गया ये ज़माना
    पर हम ना बदल पाएँ
    पर हम ना बदल पाएँ
    तुझसे बिछड़ के ज़िंदा हूँ ये मेरी फूटी किस्मत है
    मिले दो दिल तो जुदा कर देना ये दुनियाँ की फितरत है
    मुझसे जुदा होके सम्हल गए तुम
    पर हम ना सम्हल पाएँ
    कितना बदल गया ये ज़माना
    पर हम ना बदल पाएँ

  • मेरी जिंदगी

    मेरी जिंदगी अब उलझ गई
    मेरी हर खुशी अब बिखर गई २
    अब क्यों मैं करू किसी से गिला
    जो था किस्मत में वही तो मिला
    जो…….था किस्मत में …….वही तो मिला
    .
    .
    .
    इस दुनियाँ से कुछ ना चाहूँ
    मेरे रब से बस इतना पूछना चाहूँ
    मेरा रब क्यों तु मुझसे रूठा लगे
    मेरा हर सपना अब टूटा लगे
    मैं गाऊँ अगर कोई गीत तो सब झूठा लगे
    मेरी जिंदगी अब उलझ गई
    मेरी हर खुशी अब बिखर गई
    मेरी हर खुशी अब ……..बिखर गई

  • मेरी जिंदगी

    मेरी जिंदगी अब उलझ गई
    मेरी हर खुशी अब बिखर गई २
    अब क्यों मैं करू किसी से गिला
    जो था किस्मत में वही तो मिला
    जो…….था किस्मत में …….वही तो मिला
    .
    .
    .
    इस दुनियाँ से कुछ ना चाहूँ
    मेरे रब से बस इतना पूछना चाहूँ
    मेरा रब क्यों तु मुझसे रूठा लगे
    मेरा हर सपना अब टूटा लगे
    मैं गाऊँ अगर कोई गीत तो सब झूठा लगे
    मेरी जिंदगी अब उलझ गई
    मेरी हर खुशी अब बिखर गई
    मेरी हर खुशी अब ……..बिखर गई

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