हम ना बदल पाएँ

मुस्किल हुआ दिल को समझाना
मुस्किल हुआ रूठोंं को मनाना
कितना बदल गया ये ज़माना
पर हम ना बदल पाएँ
पर हम ना बदल पाएँ
तुझसे बिछड़ के ज़िंदा हूँ ये मेरी फूटी किस्मत है
मिले दो दिल तो जुदा कर देना ये दुनियाँ की फितरत है
मुझसे जुदा होके सम्हल गए तुम
पर हम ना सम्हल पाएँ
कितना बदल गया ये ज़माना
पर हम ना बदल पाएँ

Comments

13 responses to “हम ना बदल पाएँ”

    1. vishal nayak

      धन्यवाद

  1. राम नरेशपुरवाला

    Nice

    1. vishal nayak

      धन्यवाद

    1. vishal nayak

      धन्यवाद

    1. vishal nayak

      धन्यवाद

    1. vishal nayak

      धन्यवाद

  2. Abhishek kumar

    Good

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