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Kala Dhan

भोर था प्यार अब दोपहर हो गया,
स्वपन का था महल खँडहर हो गया!
करूँ जितना प्रयास पर मिलता नहीं,
तुम्हारा प्यार नहीं काला धन हो गया!!

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