मज़ा

August 22, 2019 in मुक्तक

यार इसमे तो मजा है ही नही
कोई हमसे खफा है ही नही
इश्क़ है मर्ज़ है मेरे यार सुनो,
इसकी कोई दवा है ही नही।।