ना कभी पीते हों सिगरेट न उन्हें होता हो रिगरेट ना रहे इगो में अपने ना कभी चिल्लाए मुझ पर खाना वाना वो बना लें पांव भी मेरे दबा लें मैं सोऊं टांगे पसारे बच्चा […]

कह रहा है मन हमारा क्यों दुखी संसार सारा एक निज स्थल हो ऐसा स्वर्ग से लगता हो प्यारा ना हृदय में वेदना हो ना व्यथित मन साधना हो ना हो कोई रुष्ट हर्षित ना […]

आज मम्मी ने एक बात बोली जो दिल को छू गई जिसमें सवाल था छोटा-सा पर बात थी बड़ी गहरी क्या मुझे भी कभी घर कामों से छुट्टी मिलेगी ? क्या कभी हम कोई दिन […]

वचन सिंदूर मंगलसूत्र मंडप भी सजाया है तुम्हारे नाम का कुमकुम माथे पर लगाया है कन्यादान सातों फेरे सारे विधि विधानों से मिली थी कुंडली तब जा के तेरा साथ पाया है अधर हैं बेसुरे […]

बरसात की बूंदों में कुछ और है आसमान की हंसी में कुछ और है जब तक तू मेरे साथ होती है तो बरसात का वह जादू कुछ और है आँखों में झलकती है तेरी मुसकान […]

ऊपर वाले ने लिख भेजी, सबकी अलग कहानी है किसी को दिया;गम ए बुढ़ापा, कहीं तड़पती जवानी है किसी को दिया दिनभर कणभर, कहीं आँखों में पानी है तस्वीर नहीं; फुटपाथ वाले, बचपन की यह […]

क्या सही सुना था मैंने, अपना देश था सोने की चिड़िया विश्वगुरु के आसन पर आसीन , ऐसी भी थी घड़ियाँ विचार वसुधैव कुटुंबकम् का, समाया हममें अति बढ़िया उस जमीं; ऐसी तस्वीर हमारी, उजागर […]

मन हर्षित तन पुलकित रोम रोम नैनन से नीर की फुहार जैसे हो रही भोलीभाली मतवाली राधारानी गली गली मोहन के नेह में निहाल जैसे हो रही। बरसी बदरिया तो भीग गयो अंग अंग नाचे […]

लिखा था नाम जो दिल की जमीं पर पढ़ रही हूं मैं कि उनका रूप ही हर आईने में गढ़ रही हूं मैं मेरी हर शायरी में अब अलग ही मोजिजा सा है सुनाती हूं […]

तुम भला अब क्या करोगे प्रीत को लज्जित करोगे करके शुभचिंतक निमंत्रित मंडली चर्चा करोगे आचरण में खोंट कहना नियति में दोष कहना थी त्रुटि केवल हमारी बोल कर आंसू बहाना जब कभी पूंछे कोई […]

हमारे ही हो तुम हमारे रहोगे मेरी प्रीत को तुम संभाले रहोगे। तुम्हारी हथेली में अपनी लकीरें न पाकर विधाता से मैं लड़ रही हूं। मेरी मांग में सज न पाया जो कुमकुम वो सिंदूरदानी […]

तेरे इश्क की इंतेहां चाहता हूं, बड़ी मुद्दत हुवी बिछड़े तुझसे, अब मिला है तो राह-ए-सफ़र में, तुझसे फिर रूबरू होना चाहता हूँ। ता उमर देता रहा फरेब खुद को, मोहब्बत की राह मैं, लुट […]

हम प्रेम को तुम्हारे एक दिन भुला ही देगे आखिर सिसक सिसक कर कब तक भला जियेगे मैं प्रेम की पुजारन या फिर कोई अभागन तस्वीर तेरी छू कर बनती हूं मैं सुहागन मंदिर में […]

कभी आना था यहाँ तुम्हारा अब विराना सा हो गया है जहाँ राह तकते थे तुम्हारे वहा बेगाना सा लगने लगा है जिसके पीछे भागते हो हासिल वो हो गया है जो खो दिया तुमने […]

वो लड़का मेरा खयाल रखता है तेरे नाम वाले सिर पर बाल रखता है कभी डरता है तो कभी रोब झाड़ता है गुस्से में मुंह अपना लाल रखता है। बच्चों जैसी हरकतें और बुजुर्गों जैसी […]

तारा तुम मां की आंखों का , पापा की मुस्कान हो तुम तुम सपना हो दादी मां का , दादाजी का अरमान हो तुम किलकारी से गूंजता आंगन स्वर्ग से भी सुंदर लगता है तुमसे […]

ये जो रिश्तों भरा झमेला है ये खेल हमने बहुत खेला है। मेरे हिस्से में आंसू आते रहे दर्द ही दर्द हमने झेला है। सुख की चादर सदा सिकुड़ती रही चांदनी धूप में ठिठुरती रही […]

हम जमाने से हैं तंग तंग हमसे जमाना अंधेरा ओढ़ती हूं कोई चांद बुझाना। पैरों के नीचे की जमीं भी छीन ली सबने लटकी हूं फंदे से भी तो बनता है फसाना। अठखेलियां, चतुराई , […]

मेरा कमरा, तुम्हारी यादें बस ऐसे ही हुई आंखों से बरसातें बस ऐसे ही, ये कमरे में बिखरे पन्ने बस ऐसे ही अजी लिखना-विखना छोड़ो बस ऐसे ही। ये उलझी – उलझी जुल्फें बस ऐसे […]

मैं ना अब ये प्यार करूंगी ना दिल का व्यापार करूंगी वो ना गर मिलने आए तो किसकी खातिर यार जिऊंगी ना आंखों में काजल दमके ना हाथों में चूड़ी खनके ना जुल्फों को रोज […]

हृदय में प्रेम जितना था न्यौछावर कर चुकी हूं मैं या फिर स्पेस जितना था वहां तक भर चुकी हूं मैं। मेमोरी कार्ड भी मुझ में इंस्टाल हो नहीं सकता कि बस पतिदेव की खातिर […]

हमें कितना सताया जा रहा है हमारा खूं बहाया जा रहा है लिए फिरता है वो तरकश जुबां में जिसे गूंगा बताया जा रहा है मेरी खामोशियां सिसकी में बदली हमारा मुंह दबाया जा रहा […]

दिल बहलता नहीं था बहलाए रखा रात भर तेरी यादों में दीपक जलाए रखा रात भर। अंधेरा छटते ही तुझसे मुलाकात करेंगे इसी उम्मीद में दिल को लगाए रखा रात भर।

नहीं दिल से गया है यार सीतापुर का वो लड़का आज भी याद आता है सीतापुर का वो लड़का। देखता था मुझे ऐसे कोई एहसान करता हो बड़ा मासूम लगता था सीतापुर का वो लड़का […]

तुझको छोड़ा है मैने तेरी खैरियत के लिए खुद को जीने के लिए बाप की पगड़ी के लिए प्यार करता ही नहीं कोई प्यार की खातिर कोई चमड़ी के लिए तो कोई दमड़ी के लिए […]

वो शर्मिंदा नहीं है तो खफा खफा क्यों है जाना चाहता है वो मगर रुका क्यों है ? जिसके आगे पत्थर सा बना रहता जमाना है उसकी छत पे ये अंबर झुका झुका क्यों है […]

मुखौटे लगा कर घूम रहे बहुत आदमी हैं। किसी ने मुखौटा लगा कर हॅंसाया, किसी ने मुखौटा लगा कर डराया। कोई रो रहा है मुखौटा लगा कर, किसी ने मुखौटा लगा कर सताया। असली और […]

तू ही तो है चाहत,तू ही तो है राहत, पंछी मैं तू, भोर की पहली किरन. तुझे न देखूं तो, दिल में उदासी, जो देखूं तुझे, दिल में आशा-किरन. चेहरों में इक तेरा, चेहरा सुहाना, […]

महादेव शिव भोले की है, महारात्रि भक्तों आई, पावन दिन माँ गौरी जी हैं, अपने पति शिव को पाई, शिवत्व शिखर चेतना का है, क्यों न सभी हम पा जाएँ, कर कठिन तपस्या गौरी सी, […]

जुनून जिंदा है इस बात का सुकून तो है। बगैर जुनून के जिंदगी बस जहन्नुम तो है। सोचो मौसीक़ी न होती, जहान कैसा होता, शुक्र है कानों में घुलता मधुर तरन्नुम तो है। क्या सोचेगी, […]

अब बिहार में राजनीति का रहा न कोई जोड़ फिर से भागे चाचाजी एक बार भतीजा छोड़ बड़ी -बडी़ बातें करते थे बड़े – बड़े थे दावे कुर्सी के लालच में आकर देने लगे छलावे […]

शीत ऋतु की घटा धरा पर धुंध गगन पर छाई है ओस की नम बूंदे पत्तों पर प्रेम का सार लाई है झाँके भास्कर जब पृथ्वी पर अमृत सी बन वो आई है बर्फ की […]

नये वर्ष में नये तराने गाएंगे। खुशियों की चहुँओर बहारें लाएंगे। सुखता,संपन्नता व्याप्त हो चहुँ दिस में कष्ट न वाणी से हम अब पहुँचाएंगे।। नूतन विहान नव मंजुल मंगल हो जाए आशीष नेह ईश्वर का […]

हवा में जहर है, प्रदूषण का कहर है। सांसों पर बंधी हैं बेड़ियाँ जी हाँ ये दिल्ली शहर है। अरुणिमा मद्धम हुई है, कौमुदी कुम्हलाने लगी। तारों की रौशनी भी अब तो धुंधलाने लगी। हर […]

मौत पास आने पर क्या दिखता होगा? खौफ! सब कुछ खोने का, गुम हो जाने का? या दुःख! सबसे बिछड़ जाने का, और इतिहास बन जाने का? या फिर, अच्छी यादें! जो भी बिताए थे, […]

ज़रा ध्यान से देखो हिंदी हमारी भारतीयता की गौरव की कहानी स्वयं माथे बिंदिया चुनरिया ओढ़कर भारतीय सभ्यता संस्कृति दर्शाती दिन प्रितिदिन की बोलचाल में मुहावरे,लोकोक्ति भी शान से बोले वेद, पुराण, रामायण ,महाभारत हिंदी […]

ज़रा ध्यान से देखो हिंदी हमारी भारतीयता की गौरव की कहानी स्वयं माथे बिंदिया चुनरिया ओढ़कर भारतीय सभ्यता संस्कृति दर्शाती दिन प्रितिदिन की बोलचाल में मुहावरे,लोकोक्ति भी शान से बोले वेद, पुराण, रामायण ,महाभारत हिंदी […]

उसने रो रो कर एक दिन मुझसे कहा था, भुला तो ना दोगे मुझे, यूं चलती रहो में छोड़ तो ना दोगे मुझे, जगा कर मोहब्बत की कशिश मुझमें, अपने दिल से मिटा तो ना […]

चाॅंद पर पहुँचा चन्द्र यान है, सफ़ल हुआ भारत का अभियान है। तिरंगा चाॅंद पर लहराने लगा है, हर भारतीय मुस्कुराने लगा है। इसरो के वैज्ञानिकों को बहुत बधाई है, चाॅंद से बहुत खूबसूरत खबर […]