Tag: भोजपुरी होली गीत

  • भोजपुरी होली गीत 2-हमके फगुनवा मे

    भोजपुरी होली गीत 2-हमके फगुनवा मे |
    हमके फगुनवा मे ना तरसावा हो गुजरिया |
    तोहार रंग देईब ओढनी मारी पिचकरिया |
    हमके फगुनवा मे ना तरसावा हो गुजरिया |
    खेलबू नाही होरी त करब बलजोरी |
    आवा खेला होरी बना जनी रानी भोरी |
    मना जे करबू त बेकार होई उमरिया |
    हमके फगुनवा मे ना तरसावा हो गुजरिया |
    रंगवा लगाइब तोहके अबिरवा लगाइब |
    भरी अंकवरिया तोहके गरवा लगाईब |
    तू हउ राधा मोर हम हई सावरिया |
    हमके फगुनवा मे ना तरसावा हो गुजरिया |
    आईल फगुनवा बहे फगुनी बयार हो |
    मस्त महीनवा बढ़े हमरो प्यार हो |
    तोहरे पर लागल गोरी हमरो नजरिया |
    हमके फगुनवा मे ना तरसावा हो गुजरिया |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी होली गीत 1-सगरो फगुनिया |

    भोजपुरी होली गीत 1-सगरो फगुनिया |
    आवा गोरी रंग देई तोहरो बदनीया |
    देखा चढ़ल सबके सगरो फगुनिया |
    रंगे केहु गाल गुलाबी |
    केहु रंगे बाल शराबी |
    रंगवा लगाला ना होई खराबी |
    रंगवा हउवे प्रेमवा के चाबी |
    बोला गोरी रंग देई तोहरो ओढ़निया |
    आवा गोरी रंग देई तोहरो बदनीया |
    चढ़ल केहु पर फागुन क नसा |
    चढ़ल केहु पर होली क नसा |
    चढ़ल केहु पर सजनी क नसा |
    महकल काहे फागुन गोरी तोहरो जवनिया |
    आवा गोरी रंग देई तोहरो बदनीया |
    केहु खेले होरी भर पिचकारी |
    गुलाल उढ़ावे केहु झोरी झारी |
    केहु बजावे झाल मंजीरा |
    केहु गावे झूमी खूब जोगिरा |
    मन करे रंग देई गोरी तोहरो नथुनीया |
    आवा गोरी रंग देई तोहरो बदनीया |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी होली गीत 3-मस्त फागुन |

    भोजपुरी होली गीत 3-मस्त फागुन |
    आया है मस्त फागुन
    उड़ती है तेरी चुनरिया |
    सर सर बहती है मह मह महकति है हवा |
    तुझे रंग लगाऊँगा मै हर हाल मे |
    होली खूब खेलूँगा आज मै |
    चलो मनाए फागुन |
    आया है मस्त फागुन
    उड़ती है तेरी चुनरिया |
    सर सर बहती है मह मह महकति है हवा |
    बागो बहारों कलियाँ खिलने लगी |
    फागुन महीने गोरी मचलने लगी |
    गोरी तू अन्जान मत बन |
    आया है मस्त फागुन
    उड़ती है तेरी चुनरिया |
    सर सर बहती है मह मह महकति है हवा |
    तेरी अंगड़ाई मन बहकने लगा है |
    खेलूँगा होली दिल मचनले लगा है |
    संतोष भारती है तेरा सजन |
    आया है मस्त फागुन
    उड़ती है तेरी चुनरिया |
    सर सर बहती है मह मह महकति है हवा |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी होली 10- अपना सजनवा रे |

    भोजपुरी होली 10- अपना सजनवा रे |
    उनके चढ़ल बाड़े मस्त फगुनवा रे |
    गोरी रंग देली अपना सजनवा रे |
    फागुन मे गोरिया के चढ़ल बाड़े मस्ती |
    मिलतू तू बहिया मे भरती |
    होलिया मे बहकल जोबनवा रे |
    गोरी रंग देली अपना सजनवा रे |
    चढ़ते फगुनवा उनकर गदरल जवनिया |
    फगुनी बयार उनकर फरकल बदनिया |
    खेले होली संग पियवा अंगनवा रे |
    गोरी रंग देली अपना सजनवा रे |
    नेहिया लगाके काहे कइलू दगाबाजी |
    होलिया मे सईया संगे करेलु कलाबाजी |
    देखि देखि भारती छछने परनवा रे |
    गोरी रंग देली अपना सजनवा रे |
    उनके चढ़ल बाड़े मस्त फगुनवा रे |
    गोरी रंग देली अपना सजनवा रे |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

New Report

Close