Shyam Kunvar Bharti, Author at Saavan's Posts

भोजपूरी लोकगीत (पूर्वी धुन ) – तोहरो संघतिया

भोजपूरी लोकगीत (पूर्वी धुन ) – तोहरो संघतिया याद आवे जब तोहरो संघतिया | करे मनवा तनवा के झकझोर | बिसरे नाही प्रेमवा के बतिया , बरसे मोरे नयनवा से लोर | याद आवे जब तोहरो संघतिया | कइके वादा हमके बिसरवला | तोड़ी नेहिया के बहिया छोडवला | सुनाई केतना हम आपन बिपत्तिया | मिले नाही हमके कही ठोर | याद आवे जब तोहरो संघतिया | तोड़े के रहे काहे दिलवा लगवला | सुघर काहे हमके सपना देखवला | साले हमके तोहार सावर सु... »

हिन्दी ओज कविता-अभिनन्दन बना लेंगे |

हिन्दी ओज कविता-अभिनन्दन बना लेंगे | मिट्टी वतन सिर माथे चन्दन बना लेंगे | ऊंचा तिरंगा भारत सदा वंदन बना लेंगे | रंगी शहीदो खून आजादी नमन उनको | कुर्बानी शहीदों हम वचन बंधन बना लेंगे| आजाद भारत आ पहुंचा किस मुकाम तक | बिगड़े हालात इसे ब्रिज नन्दन बना लेंगे | लाख तूफानो बुनियाद कोई हिला न सका | हर वीर जवानो हिन्द अभिनन्दन बना लेंगे | चाल चलता दुशमन मगर पार पाता नहीं | मोदी अमित डोभरवाल दुश्मन क्रंदन... »

हिंदी गजल- अब सफा कीजिये |

हिंदी गजल- अब सफा कीजिये | टूटे रिश्तो मे जान बाकी हो अगर , प्यार से सींचकर अब वफा कीजिये | काँच के जैसा होता है दिल का रिस्ता यहा | टूट न जाये दील अब बचा कीजिये | लाखो मिल जाएँगे सबको सबकी जवानी मे | ढल जवानी हमसफर अब ढूंढा कीजिये | तेरी दौलत के खातिर है चाहने वाले कई | करता कौन मोहब्बत अब पता कीजिये | हुशनों जवानी के है सब भूखे यहा | जल जाये जवानी जुल्मो न खता कीजिए | दिल की बात दिल मे न रखिए जन... »

हिन्दी गजल- मुझको भुलाए है |

हिन्दी गजल- मुझको भुलाए है | दिल मे क्यो मेरे आप समाये है | ख्वाब आंखो क्यो आप दिखाये है | जिधर भी देखिये आप का नजारा है | क्या बताए कैसे मैंने रैन बिताए है | होके बेखबर आप चैन से सोते है | रातो को जाग आँसू मैंने बहाये है | अंजुमन मे हम तन्हा नजर आते है | दिल लगा क्या खोये क्या पाये है | हुआ रुसवा तेरे खातिर जमाने मे | तेरे नाम लोगो ने कितना सताये है | तड़पता है दिल आपकी नजर को | कर लूँ दीदार पलके ... »

हिन्दी गीत- क्यो हुआ

हिन्दी गीत- क्यो हुआ मुझे पहली बार प्यार हुआ | यार क्यो हुआ | झूठा ही कोई दिलदार हुआ | यार क्यो हुआ | मैंने चाहा नहीं मैंने सोचा नहीं | हुआ क्या मुझको पता नही | क्यो उसका मुझे इंतजार हुआ | यार क्यो हुआ | था मै बेपरवाह कितना मजा था | होगी उसकी चाह किसको पता था | मै क्यो इतना लाचार हुआ | यार क्यो हुआ | धड़कने नाम उसका लेती है | बिना उसके न जागती न सोती है | मै उसका बड़ा तलबगार हुआ | यार क्यो हुआ | हर ... »

भोजपुरी गीत- काहे भुला गइलू |

भोजपुरी गीत- काहे भुला गइलू | दिलवा लगाके काहे भुला गइलू | भईल केवन कसूर काहे कोहा गइलू | तोड़ दिहलु दिलवा काँच के टुकड़ा जईसन | लगे सुरतिया टोहार चाँद के मुखड़ा वईसन | छोड़ी हमके काहे रुला दिहलु | दिलवा लगाके काहे भुला गइलू | पवन झंकोरा उड़े केसिया बड़ा निक लागे | चमचम चमके लाल बिंदिया बड़ा निक लागे | कोमल दिलवा ठोकर लगा गइलू | दिलवा लगाके काहे भुला गइलू | आवा तोहे दिलवा के रानी हम बनाइब | प्रेमवा के गि... »

भोजपुरी लोकगीत (पूर्वी ) – सालेला ये राम |

भोजपुरी लोकगीत (पूर्वी ) – सालेला ये राम | अब ना सहब ये मोदी जी , देश बिरोधी घतिया ,दुशमन के बोलीया , लागेला ये राम ,दुशमन के बोलिया | अस मन करे उनके देशवा भगवती , सविधनवा के बतिया याद आवेला ये राम | लागेला ये राम ,दुशमन के बोलिया | होते यदि दुश्मन बहरिया , उनके गोलिया चलवती ,देशवा के लोगवा सालेला ये राम दुशमन के बोलिया | लागेला ये राम ,दुशमन के बोलिया | जाये के पड़ी एक दिन सिमवा के ओरिया। मनवा जहि... »

बधाई हो बधाई

आया नव वर्ष बधाई हो बधाई लेकर आया नव वर्ष घर आपके खुशियो का सौगात | बधाई हो बधाई | मिटाने हर संकट विपदा बीघ्न बीमारी और आघात | बधाई हो बधाई | अँग्रेजी वर्ष पर विश्व पैमाना इसको सबने माना है | हो उन्नति प्रगति सुख संपत्ति शांति वर्ष बीस ने सुनाई | बधाई हो बधाई | सुखी हो परिवार आपका मंगल हो संसार आपका | दुख दारिद्र दूर हो अन्न धन भरपुर हो होगी भलाई | बधाई हो बधाई | पूरी हो हर कामना पड़े न कभी दुखो का... »

याद बहुत आएगी

हिन्दी कविता- याद बहुत आएगी | वर्ष उन्नीस हमे तेरी याद बहुत आएगी | जो हुआ अच्छा बुरा याद बहुत आएगी | उन्नति अवनति प्रगति के पथ पर चले | खट्टा मीठा तीखा सबका स्वाद हम चखे | यादगार वर्ष रहा उन्नीस दुनिया कहेगी | वर्ष उन्नीस हमे तेरी याद बहुत आएगी | धारा तीन सौ सत्तर हटी कश्मीर बेड़ि कटी | तीन तलाक हटा महीलाओ गुलामी छंटी | कोर्ट फैसला राम मंदिर दुनिया पूजा करेगी | वर्ष उन्नीस हमे तेरी याद बहुत आएगी | ... »

जमाने लगे

हिन्दी गजल- जमाने लगे | जिस बस्ती बसाने मुझे जमाने लगे | बेदर्दी वो मकाने दिल गिराने लगे | जब भी गुजरे वो राहे मंजिल मेरे | लेकर नाम उनका हम बुलाने लगे | सबब रूठने वो मुझको बताता नहीं | मिला आशिक नया दास्ता सुनाने लगे | रहती उदास बिन आपके कहते थे | मेरी हर यादों लम्हो वो भुलाने लगे | लाल बिंदिया लाल सिंदूर धरे रह गए | पकड़ गैर हाथ मांग वो सजाने लगे | है कितना दर्दे दिल उसे मालूम नहीं | जख्मी दिल हम... »

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