Shyam Kunvar Bharti, Author at Saavan's Posts

भोजपुरी निर्गुण भजन 1-धियान करे दा |

भोजपुरी निर्गुण भजन 1-धियान करे दा | सोनवा के बदनवा रामा जनी करा जियनवा रामा | मनवा भजे दा भजनवा भीतरे तनवा | रमे रमाए दा ये मोरे रामा | ब्रमहवा मे मनवा लगाये दा | कोरी चदरिया बितल उमरिया | असही ना बीत जाएदा | बुद्धि बा नदनवा रामा बहके मोर मनवा रामा | तन के सुगना अबहीन रहे दा | मनवा भजे दा भजनवा भीतरे तनवा | संगे धियान करे दा | गुण अवगुण गिने दा ये मोरे रामा | बचल उमरिया तपाये दा | सही भइल ना करमव... »

भोजपुरी कविता (श्रिंगार रस )- चित चितवत |

भोजपुरी कविता (श्रिंगार रस )- चित चितवत | चंचल रूप चित चितवत निखरत निरखत नैन हारे | बिजुरी सम चमकत दमकत हिय प्रिय चैन हमारे || लपकत डोलत झुकत कटी कोमल डोलत कमल डार | पाँव रखत पायल छम छम छमकत बोलत हिय हाय || चपल पलक झपकत गिरत उठत बिजुरी गिरि जाय | पडत नजर जिस ओर रखी हिय हाथ हाय चिल्लाय || गजरा महकत कजरा दहकत रोम रोम पुलकत जाय | अधर धरत मुसकात मन मोहिनी कपोल हरसत हर्षाय || कमर कटिली कारी केस जस नागि... »

गजल- उजाला हो जाये |

गजल- उजाला हो जाये | कभी हमारे भी घर आइये अंधेरों मे उजाला हो जाये | आपके रूप की चाँदनी मे अंधेरों का मुंह काला हो जाये | फैला है हर तरफ कोरोना हम आए तो आए कैसे | कैसे निकलु बच के कही कोरोना निवाला हो जाये | सारे दावे सबके धरे के धरे रह गए वो बढ़ता ही गया | ऐसा न हो वो लड़ते रहे और उसका बोलबाला हो जाये | बड़ा गुमान था उसको अपनी चाल औ पैंतरा बाजी पर | बंद हो गये सारे एप औ धंधा उसका दिवाला हो जाये | कह... »

भोजपुरी सावन शिव भजन 10 – तोहरे इंतजार मे ना |

भोजपुरी सावन शिव भजन 10 – तोहरे इंतजार मे ना | नईया पड़ गइली भोला मोर मजधार मे | बाबा तोहरे इंतजार मे ना | शिव के पूजे नर नारी | गावे भजन दुनिया सारी | केहु गाँजा भांग चढ़ावे | केहु गंगा जलधार मे | बाबा तोहरे इंतजार मे ना | तू बाड़ बाबा बैजनाथ | तू त हउवा औघडनाथ | केहु दुधवा भोग लगावे | केहु भिंगे बरखा बहार मे | बाबा तोहरे इंतजार मे ना | बिन दरसन हम ना जाइब | बाब चरनिया सिरवा नवाइब | केहु बेल पत्तर फ... »

भोजपुरी सावन शिव भजन 9 – गाँजा के चिलमिया |

भोजपुरी सावन शिव भजन 9 – गाँजा के चिलमिया | बाबा बदनाम ही पिये मे गाँजा के चिलमिया | गंजवे ने रूसाइ दीया गौरा जी भवनिया | बाबा को भगतो का नसा | भगतों का बाबा का नसा | तो किसी को देवघर का नसा | भगत औरी भोला होखे सावन मे मगनिया | बाबा बदनाम ही पिये मे गाँजा के चिलमिया | किसी को विश्वनाथ का नसा | किसी को पशुपतिनाथ का नसा | तो किसी को हरिहर नाथ का नसा | डमरू बजाई नाचे बाब बनिके नचनिया | बाबा बदनाम ही ... »

हिन्दी सावन शिव भजन 2 -भोला जी की भंगिया |

हिन्दी सावन शिव भजन 2 -भोला जी की भंगिया | भोला जी की भंगिया ,गौरा जी की परेशानिया | मन मन रोती है गुस्सा करती है | भंगिया पिसती है गणेश जी की अम्मा | भोला जी की भंगिया ,गौरा जी की परेशानिया | भंगिया मै पीऊँगा जल्दी डालो कमंडल मे | भंगिया ना पिलाऊँगी देखे देव भूमंडल मे | चलो देवघर बाबा धाम मे | भोला जी की भंगिया ,गौरा जी की परेशानिया | बच्चे अभी छोटे है गणेश कार्तिक अच्छे है | बच्चो ना बिगाड़ो मन क... »

हिन्दी सावन शिव भजन 1- बाबा बैजनाथ के धाम मे |

हिन्दी सावन शिव भजन 1- बाबा बैजनाथ के धाम मे | चलो सब कावर लेके बाबा बैजनाथ के धाम मे | सुल्तानगंज से जल लेकर चढ़ाये बम बम भगवान मे | अबकी कावर मे सब दूर दूर चलना है | मास्क मुंह मे लगाकर बोल बम कहना है | भगाकर रहेंगे बाबा भोला वाइरस को समशान मे | चलो सब कावर लेके बाबा बैजनाथ के धाम मे | चलो चलो गोरीया चलो जल्दी देवघर नगरिया | बोल बम रटते रटते बनो तुम कावरिया | बाब बैजु मार भगायेंगे चिनियों को हिंद... »

योग गीत – करो निरोग काया |

21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक बधाई योग गीत – करो निरोग काया | ये योग साधना की है अजीब माया | कभी बचाए कोरोना कभी करे निरोग काया | कपालभाती और प्राणायाम की क्या तारीफ करे | कर अनुलोम बियोम सांस अंदर बाहर करे | करे मजबूत दिल पेट रोग जड़ से है भगाया | कभी बचाए कोरोना कभी करे निरोग काया | करो सूर्य नमस्कार शुबह हर अंग खिलाये | करे सुंदर तनमन मानव मंद मुसकाए | लगे बदन जैसे खिली धूप है नहाय... »

कविता- हमारा अभिमान |

कविता- हमारा अभिमान | नहीं बिकेगा देश मे चीन का सामान | रहेगा हमारा समान हमारा अभिमान | लेकर धन हमसे हमे आँख दिखाता | घुसकर जमाईं हमारी हमे धमकाता | बनेगा आत्मनिर्भर हमारा हिनूस्तान | दिया धोखा जवानो पर आघात किया| तोड़ वर्षो की संधि विश्वासघात किया| निहत्थे जवानो से किया घमासान | अपने पड़ोसी हर देश रिस्ता बिगाड़ा है | मौका पा गैरो जमी चीनी झण्डा गाड़ा है | धूल चटाएँगे चिनियों हिन्द के जवान | करो बहिस्... »

भोजपुरी कविता – तड़पत रही हम दिनरात |

भोजपुरी कविता – तड़पत रही हम दिनरात | रिमझिम बरसत बा बरसात | तड़पत रही हम दिनरात | पिया बिना बुनीया ना सुहात | तड़पत रही हम दिनरात | गरजत बरसत अईले असढ़वा | लहकत दहकत हमरो जियवरवा | कही हम केकेरा से दिलवा के बात | तड़पत रही हम दिनरात | चमके बिजुरिया गगनवा मे | अगिया लगे हमरे तनवा मे | पिया परदेशी हाली घरवों ना आत | तड़पत रही हम दिनरात | झमझम अंगना बरसेला पानी | टपटप चुएला टूटल दलानी | निर्मोही बलम... »

कविता- जितना जरूरी है |

कविता- जितना जरूरी है | हो रहा युद्ध कोरोना से हमारा जितना जरुरी है | इंसानियत के दुश्मन वाइरस का मिटना जरूरी है | सबका साथ सबका विश्वास अब जिताएगा हमे | नियम लॉक डाउन चलना कोरोना सिखाएगा हमे | लेगा सांस अंतिम कोरोना लास खींचना जरूरी है | कोरोना युद्ध खत्म भी न हुआ चीन सीमा चढ़ा | हमारी जमीन नाम अपने बही खाते करने लगा | दगाबाज दुशमन चीन छाती चढ़ पीटना जरूरी है | समझा भारत को बच्चा गच्चा खा रहा है ची... »

भोजपुरी लोकगीत कजरी – रोपनिया ना |

भोजपुरी लोकगीत कजरी – रोपनिया ना | जबले मिलिहे ना झुलनिया | हम ना करबे रोपनिया ना | जबले बाजीना छम छम पयजनिया| हम ना करबे रोपनिया ना | हमसे हरदम सइया करेला बहाना | अबले दिहला ना एकहू गहना | चाहे बरसे झम झम पनिया | हम ना करबे रोपनिया ना | जब जब जोतेला तू हरवा बइलवा| रहिला हमहू हरदम सइया सांगवा | टप टप चुये मोर दलनिया | हम ना करबे रोपनिया ना | नईहर के पावल अबले पहिनली | दुई गो गहनवा बलाए सहेजली | बि... »

भोजपुरी देवी गीत -हमार काली मईया |

भोजपुरी देवी गीत -हमार काली मईया | चली अइली चरन तोहार काली मईया | पूरा कर दा मनसा हमार काली मईया | जापिला हरदम माई तोहार सुनर नामवा | सुफल करा हमरो माई मानुष जनमवा | मारी तिरीसुलवा भगावा दुखवा मुदइया | पूरा कर दा मनसा हमार काली मईया | तोहरी चरनिया बसे सारा सुखवा संसार हो | दुनिया मे देवे नाही तोहसे बढ़ के दुलार हो | फेरि दा नजरिया बदला बिगड़ल समइया | पूरा कर दा मनसा हमार काली मईया | जगवा मे फइलल सगर... »

कविता – बरखा तुम आओ

कविता – बरखा तुम आओ मिटे जलन तपन गर्मी बरस तुम जाओ | मनाए हम उत्सव तेरा बरखा तुम आओ | तप रहे खेत ताल नदी पोखर तुम कहा | फटी जमीन प्यासे सब पशु पक्षी यहा | कबसे राह निहारे तेरी तरस तुम खाओ | मनाए सब उत्सव तेरा बरखा तुम आओ | बृक्षों हरियाली नहीं गाती कोयल मतवाली नहीं | दिखे जन खुशहाली नहीं होती तन रखवाली नहीं | तपते तन अब कर सरस तुम जाओ | मनाए सब उत्सव तेरा बरखा तुम आओ | बन के फुहार बारिस बौछार तुम ... »

बाल गीत – मजदूरी ना कराना |

अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल श्रमिकों के नाम प्रस्तुत मेरी एक बाल गीत बाल गीत – मजदूरी ना कराना | लगा लॉक डाउन बाल मजदूरी ना कराना | भूखे बच्चो भोजन कराना जी हुज़ूरी ना कराना | अबोध बच्चो को प्यार का सहारा है | माँ बाप के प्यार ने जीवन उनका सुधारा है| नन्हें हाथो हथोड़ा ना कोई थमाना | भूखे बच्चो भोजन कराना जी हुज़ूरी ना कराना | जीना खाना पढ़ना रहना अधिकार है | खेलना कूदना हँसना उपच... »

कविता- इंसान मे जानवर

कविता- इंसान मे जानवर हाथी एक जानवर मगर इंसान की इंसानियत ढोता रहा | थके मांदे एक शेर के बच्चे को अपनी सुंढ मे ढोता रहा | इंसान कहने को आदमी मगर जानवर से बदतर होता जा रहा | गर्भवती हथिनी को बम भरा फल खिलाये जा रहा | दर्द की हद को हराने जल के अंदर साँसे रोक मुंह को जल मे सुबाए पानी और पानी पिता रहा | खड़े खड़े अपनी जिंदगी की साँसे रोके जा रहा | पशु हिंसक हो सकता था कितनों को रौंद सकता था मगर दर्द सार... »

गजल- प्यास पानी हो गई |

गजल- प्यास पानी हो गई | तुझसे बीछड़ दर्द इश्क अब कहानी हो गई | आँख से उमड़ा समंदर प्यास पानी हो गई | छलकता सागर आंखो से सैलाब की तरह | तेरी यादे मेरी रोज रातो की रवानी हो गई | खिलते फूल देख तेरा हंसना याद आता है | सिसकती ओस की बुंदों की जवानी हो गई | आती है बहारे तेरे लहराते आँचल की तरह | चर्चा तेरे मेरे इशक सबकी जुबानी हो गई | जितना भूलना चाहा तुम उतना याद आए | तू पास नहीं यादे सारी तेरी निसानी हो ... »

गजल- अवकात नही |

गजल- अवकात नही | चाहे जितना ज़ोर लगा ले दुशमन डर हमे कोई खास नहीं | डरा दे भारत कोई अफसोस मगर इतनी भी अवकात नही | लौकी का बतिया नहीं भारत जो अंगुली देख मुरझा जाये | गर्व हमे विरो अपने मत कहना हमे तुमपर विश्वाश नहीं | सर बांध कफन सीमा डटे रहते हरदम है तुमको सलाम | दम इतना कहा दुशमन जो सह सके हमारा आघात नहीं | जिस जननी ने जन्म दिया सिर चरणों उसके झुकाते है | लड़ते लड़ते मर जाये गर दे न सके विजय सौगात न... »

कविता- इंसान मे जानवर

कविता- इंसान मे जानवर हाथी एक जानवर मगर इंसान की इंसानियत ढोता रहा | थके मांदे एक शेर के बच्चे को अपनी सुंढ मे ढोता रहा | इंसान कहने को आदमी मगर जानवर से बदतर होता जा रहा | गर्भवती हथिनी को बम भरा फल खिलाये जा रहा | दर्द की हद को हराने जल के अंदर साँसे रोक मुंह को जल मे सुबाए पानी और पानी पिता रहा | खड़े खड़े अपनी जिंदगी की साँसे रोके जा रहा | पशु हिंसक हो सकता था कितनों को रौंद सकता था मगर दर्द सार... »

भोजपुरी देवी गीत- दे दा दरसनवा |

भोजपुरी देवी गीत- दे दा दरसनवा | हाथ जोड़ी माई के मनाई दिन रात हो | दे दा दरसनवा सिरवा रखा तनी हाथ हो | केहु नईखे आगे पीछे तोहरो बा सहारा | डुबत नईया मइया लगाई दा किनारा | भटकत भक्त माई दे दा आपन साथ हो | दे दा दरसनवा सिरवा रखा तनी हाथ हो | सगरो नगरिया मइया लउकेला अनहार बा | लेला पुजनिया हमरो सुना बिनती हमार बा | अबोध बलकवा माई हम हइ अनाथ हो | दे दा दरसनवा सिरवा रखा तनी हाथ हो | फूल अड़हुलवा मालवा म... »

भोजपुरी देवी गीत- माई के दीवाना |

भोजपुरी देवी गीत- माई के दीवाना | मन मगन हो गइल माई के दीवाना | गावे भजन पूजे माई के जमाना | बिना माई केहु कल्याण ना होला | बीना किरीपा केहु महान ना होला | लुटावेली माई आपन प्यार के खजाना | मन मगन हो गइल माई के दीवाना | बिधाता के लिखल केहु कइसे मिटाई | माई किरीपा सब दुख दूर हो जाई | अइली माई भइल मौसम सुहाना | मन मगन हो गइल माई के दीवाना | ऋषि मुनि देव सब केहु पूजेला | जोरी जोरी हथवा चरण मे झुकेला ... »

भोजपुरी देवी गीत- घंटा घनघोर |

भोजपुरी देवी गीत- घंटा घनघोर | बजे लागल घंटा घनघोर | भरी गइल अँखिया के कगरी | घेर लेलस माई भाव बड़ी ज़ोर | तरसे मोर बरसत नयनवा | माई काहे दिहली हमरा के छोड़ | बजे लागल घंटा घनघोर | धई धई धोवेले चरनिया | भारती हिया हहरे हिलोर | चूमी चूमी माई के चरनवा | देखा माई तनी हमरी ओर | बजे लागल घंटा घनघोर | मगन गगन देव लोग हरषे | अंजुरी फूल बरसे सिर ओर | कंवल काली अँखिया काली माई | देखा तनी भक्त भारती ओर | बजे ल... »

गजल- खुबसुरत ख्वाब हो |

गजल- खुबसुरत ख्वाब हो | मेरे इश्क ए सफर का तुम जवाब हो | मेरे महबूब तुम एक खुबसुरत ख्वाब हो | सिवा तेरे किसी की चाहत न रहीं अब | बागो बहारों का तुम खिलता गुलाब हो | नहीं कोई तुझसा हसीन कोई जमाने मे | पहली शुबह का उगता तुम आफताब हो | लाखो पैमानो का नसा तेरी आंखो मे है | ताउम्र कभी उतरे न तुम वो शराब हो | तब्बसुम तेरा होठो कलिया शर्मा जाये | हुश्न ए जन्नत हूरों तुम खूब शबाब हो | हंसी ऐसी तेरी जैसे त... »

भोजपूरी देवी गीत (आल्हा धुन) – मइया न देर लगाय |

भोजपूरी देवी गीत (आल्हा धुन) – मइया न देर लगाय | मुंह से महिमा केतना सुनाये,कालिका बरनी ना जाय | जेतना गाई ओतना पाई ,गावत गावत पार ना पाय | जय जय हे काली भवानी ,किरपा तोहरो गवलो ना जाय | हाथ जोड़ी के जे भी पुकारे ,देवी उनपर खुश होई जाय | नारियल सुपारी फूल चढ़ावे ,माई मगन तब होई जाय | बड़ी दयालु मोरी काली माई ,आवत कबों ना देर लगाय | लाल चुनरिया चम चम चमके , रूपवा माई निरख ना पाय | जे भी पूजे उ फल पावे... »

गजल- मै ही अंदर था |

गजल- मै ही अंदर था | बहर – मुजतस मुसम्मन मखमुन महजूफ अरकान -मुफाएलुन फ़एलातुन मुफाएलुन फेलून 1212 1122 1212 22 काफिया – दर ,रदीफ़ – था ************************************* ढूँढना उसे कहा जिधर देखो उसी का मंजर था | जब कुए मे झांक कर देखा तो मै ही अंदर था | नजर उठा कर देखो हर तरफ उसी का नजारा है | करके सजदा देखा दीदार उसका कितना सुंदर था | दिखता नहीं वो गर लगा लिया चशमा बुराई का | दिल से पुकार देखा उ... »

भोजपुरी गीत- ई संसार ना मिली |

विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक बधाई | भोजपुरी गीत- ई संसार ना मिली | बचावा तनी धरती माई मौका फिर तोहार ना मिली | मिटावा जनी सुनर अइसन ई संसार ना मिली | केतना सुखवा चाही मिली छहवा कहा राही | लगावा पेडवा हम कही ठिकाना ना कही | जनवा बचावेके कही जोगाड़ ना मिली | मिटावा जनी सुनर अइसन ई संसार ना मिली | कबो आवे बाढ़ तूफनवा बरसे बिन मौसम सवनवा | कही तरसे पानी परनवा धधके कही अगिया बनवा | भिंगावे मनवा अइसन कब... »

गजल – फूल मुरझा नहीं सकता |

गजल – फूल मुरझा नहीं सकता | काफिया – अझा ,रदीफ़ – नहीं सकता बहर- हजज मुसझन सालिम अरकान – मुफाइलून मुफाइलून मुफाइलून मुफाइलून 1222 1222 1222 1222 ये मत समझो खिला जो फूल मुरझा नहीं सकता | हारा नहीं मै जिंदगी से उलझनों सुलझा नहीं सकता | कह दो कोई कोरोना से अपनी हद मे रहे इतना डरा नहीं हूँ मै उसे समझा नहीं सकता | बंद कर ले तू अपने दिल के सब दरवाजे | दिल तेरा कोई दीवार नहीं आ जा नहीं सकता | रोक नहीं सके... »

भोजपुरी गीत- देशवा बढ़इहा ये भईया |

भोजपुरी गीत- देशवा बढ़इहा ये भईया | खुलल लोक डाउन अब खूब कमइहा ये भइया | करिहा कमाई आपन जनवा बचइहा ये भइया | अपने गउआ के खूब चमकइहा | परती खेतवा अपने हरवा चलईहा | उगली सोना खेतवा पसीना खूब बहइहा ये भईया | खुलल लोक डाउन अब खूब कमइहा ये भइया | जाइके शहरिया नाही ठोकर अब खाएके | सिरवा झुकाई ना इज्जतीया गवावेके | जेतना जुटी ओतने घरवा खइहा ये भइया | खुलल लोक डाउन अब खूब कमइहा ये भइया | करबा जे किसनिया धर... »

भोजपुरी देवी गीत –फेरिहा ये मइया |

भोजपुरी देवी गीत –फेरिहा ये मइया | नजरिया तनी हमरो पर फेरिहा ये मइया | सुधिया तनी हमरो आज लिहा ये मइया | सब के त दिहलु माई अन धन सोनवा | अंधरन के अँखिया बाझिन के ललनवा | चरनिया तनी डलतू हमरो टूटही मड़इया | नजरिया तनी हमरो पर फेरिहा ये मइया | परमहंस ठाकुर माई दरसन दिहलु | कालीदास मूरख आँख अंजन कइलू | भक्त रहशू माई भइलू तू सहइया | नजरिया तनी हमरो पर फेरिहा ये मइया | कलकता के काली माई महिमा महान हो | ... »

भोजपुरी गीत- फिर उहे दिनवा |

भोजपुरी गीत- फिर उहे दिनवा | फिर उहे दिनवा लउटिहे की नाही | रोवत चिरइया कबों चहकीहे की नाही | फिर उहे दिनवा लउटिहे की नाही | छाईल बा सगरो कोरोनवा के कहरिया | बंद भइले माल सगरो बंद बा बज़रिआ | बगिया बहार कली चटकीहे की नाही | फिर उहे दिनवा लउटिहे की नाही | भागी पराई लोगवा घरवा लुकाईले | रोजी रोजगार शहरवा बन हो गईले | गोरी गजरा फूल महकिहे की नाही | फिर उहे दिनवा लउटिहे की नाही | भईले मजबूर मजदूर चले प... »

भोजपुरी देवी गीत –फेरिहा ये मइया |

भोजपुरी देवी गीत –फेरिहा ये मइया | नजरिया तनी हमरो पर फेरिहा ये मइया | सुधिया तनी हमरो आज लिहा ये मइया | सब के त दिहलु माई अन धन सोनवा | अंधरन के अँखिया बाझिन के ललनवा | चरनिया तनी डलतू हमरो टूटही मड़इया | नजरिया तनी हमरो पर फेरिहा ये मइया | परमहंस ठाकुर माई दरसन दिहलु | कालीदास मूरख आँख अंजन कइलू | भक्त रहशू माई भइलू तू सहइया | नजरिया तनी हमरो पर फेरिहा ये मइया | कलकता के काली माई महिमा महान हो | ... »

भोजपुरी देवी गीत – होखत दरशनवा |

भोजपुरी देवी गीत – होखत दरशनवा | मह मह महकत बा भवनवा | कालिका जी के होखत दरशनवा| सोनवा से साजल माई दरबार बा | तोहरे खातिर छोड़ली घरबार बा | बलका रोई बरसत बा नयनवा | कालिका जी के होखत दरशनवा| मह मह महके गरवा लाल अड़हुलवा | चम चम चमके हथवा माई त्रिशूलवा | जय जय जैकार गुंजत बा गगनवा | कालिका जी के होखत दरशनवा| लह लह लहके माइके चुनरिया | चह चह चहके मेहँदी अंजोरिया | झूमी भगता नाचत बा मगनवा | कालिका जी क... »

हिन्दी गीत- सुना घर परिवार बिना |

हिन्दी गीत- सुना घर परिवार बिना | प्रिया प्रिय बिना देह हिय बिना | नीर क्षीर बिना भोजन खीर बिना | उत्सव उदास उपहार बिना | सुना घर परिवार बिना ठौर कहा घरवार बिना | खेत अन्न बिना कोष धन बिना | विचार मन बिना आचार बेद बिना | कैसा रिस्ता ब्यवहार बिना | सुना घर परिवार बिना ठौर कहा घरवार बिना | प्यार भाव बिना यार चाह बिना | तलवार वार बिना सागर खार बिना | डूबे नैया पतवार बिना | सुना घर परिवार बिना ठौर कहा... »

गजल- भूख के मारे हुये है |

गजल- भूख के मारे हुये है | भूख ले आई शहर हम भूख के मारे हुये है | छोड़ चले शहर को हम भूख के सताये हुये है | कोरोना के कहर ने बदल दी है जिंदगी मेरी | वाइरस से पहले भूख की आग जलाए हुये है | बड़े बेआबरू होकर निकले सफर जरिया नहीं | जाये तो जाये किधर हम मंजिल भुलाए हुये है| कटता नहीं ये सफर हुकूमत का पहरा बहुत है | चलना हुआ दुशवार नहीं दिनो से खाये हुये है | थम जाएगी कब सांस गाँव भी अपना दूर है | पैदल सह... »

चंद मुक्तके – विजय हमारी है |

चंद मुक्तके – विजय हमारी है | प्रभु की माया होगा कोरोना का सफाया | इसी मंसा मोदी ने लोक डाउन लगाया | चहुं ओर मचाया हाहाकार छुपा दुशमन | धीरे धीरे सबने मिलकर है असर घटाया ||1|| लौटकर खुशी फिर घर सबके लुभाने लगी | बच्चो की खुशिया उछल कूद मचाने लगी | बूढ़े जवान सभी लेते सांस राहत की अब | उठाया कदम दमन अब असर दिखाने लगी ||2|| ग्रीन गुलाबी लाल रंगो बंटा देश का हिस्सा | हटी पाबन्दिया कुछ कही मर्ज का किस्... »

कविता- जीत लेंगे |

कविता- जीत लेंगे | अबतक तो जीते है हम आगे भी जीत लेंगे| विजय भारत नाम इतिहास पन्नो लिख लेंगे | लड़ी है लड़ाइया कितनी हार ना मानी हमने | छुपे दुश्मन कोरोना को हम बाहर खींच लेंगे | भारत हर खासो आम देश के साथ लड़ाई मे | जरूरत पड़ी वतन को अपने लहू सींच लेंगे | थोड़ा असर तो दिखाया दुशमन ने आते आते | मरने ने देंगे किसी अपने उसे बांहों भींच लेंगे | कभी डरे नहीं क्यो डरे हम दुश्मन कायर से | हमारी लड़ाई हम ही लड़... »

भोजभोजपुरी गीत = बलमुआ ना अईले |पुरी देशभक्ति गीत-भारत देशवा हमार |

भोजपुरी गीत = बलमुआ ना अईले | धक धक धड़के मोर छतिया | हे सखी मोर बलमुआ ना अईले | नींदिया ना आवे सारी रतिया | हे सखी मोर बलमुआ ना अईले | लोगवा कहेला देशवा कोरोनवा आइल बा | लागल लोकडाउनवा कहा सजनवा भुलाइब बा | बंद बा मोबाइलवा होवे नाही बतिया | हे सखी मोर बलमुआ ना अईले | चिंता सतावे कैईसे होइहे मोर सजनवा | सुना पड़ल सेजिया सुना बा अंगनवा | कहवा से अईले बैरी कोरोना नतिया | हे सखी मोर बलमुआ ना अईले | सजन... »

भोजपुरी देशभक्ति गीत-भारत देशवा हमार |

भोजपुरी देशभक्ति गीत-भारत देशवा हमार | जहा बहे गंगा निर्मल धार | उहे बाटे भारत देशवा हमार | उत्तर हिमालय गगनवा के चूमे | दखिन सगरवा लहरवा मे झूमे | लहकल खेतवा बहे पूरवा बयार | उहे बाटे भारत देशवा हमार | जहा के जवान सिमवा पर दहाड़ेले | धई दुशमनवा बहिया उखाड़ेले | एक के बदले बदला चुकावेले हजार | उहे बाटे भारत देशवा हमार | बिंध बिंधवासिनी वैशणु जम्मू बिराजेली | कामरूप कामाख्या दखिन काली माई साजेली | दे... »

कविता- कौन जानता था |

कविता- कौन जानता था | कर्मवीर होंगे बेचैन अपने घर कौन जानता था | राह निहारेंगे कब ताला खुलेगा कौन जानता था | आयेगा ऐसा भी एकदिन देखेगी दुनिया दुर्दिन | इसान खुली हवा को तरसेगा कौन जानता था | बाग बगीचा माल बाजार सिनेमा सब सुने पड़े | कोई किसी से नहीं मिलेगा कौन जानता था | मिलना गले तो दूर हाथ भी मिला सकते नहीं | महफ़िलों खूब सन्नाटा पसरेगा कौन जानता था | नुक्कड़ पर चाय की चुस्की पंचायत नहीं लगेगी | बा... »

भोजपुरी गीत – होले होले डोले |

भोजपुरी गीत – होले होले डोले | तन मोरा होले होले डोले | मन मोरा डरे डरे बोले | कोरोना केहु जान ना ले ले | तन मोरा होले होले डोले | आइल कहा से बैरी कोरोनवा | घाइल भइल सगरो जमनवा | डरे केहु दुअरिया ना खोले | तन मोरा होले होले डोले | धक धक मोरा जियरा करेला | लुक छुप सबके कोरोना धरेला | हाली हाली हथवा तू धो ले | तन मोरा होले होले डोले | सोचा कइसे कोरोना भगाई | रही रही लोगवा सबके डराई | योद्धा कोरोनवा ... »

हिन्दी गीत – साथ लड़ेंगे |

हिन्दी गीत – साथ लड़ेंगे | हम साथ रहेंगे साथ लड़ेंगे | कोरोना से ना हम डरेंगे | साथ जिएंगे साथ मरेंगे | कोरोना से ना हम डरेंगे | छाया विश्व जगत मे अंधेरा | कब होगा दुनिया मे शबेरा | दुशमन हराकर हम रहेंगे | कोरोना से ना हम डरेंगे | कितने मरे कितने गिनते है साँसे | कितने मरीज कितने लगते है खाँसे | कातिल कोरोना भगाकर रहेंगे | कोरोना से ना हम डरेंगे | इंसानो का दुश्मन चीन बना है | सारी दुनिया चैन ... »

गजल -जीत लेंगे कोरोना |

गजल -जीत लेंगे कोरोना | जीत लेंगे कोरोना तेरा नाम मिटा देंगे | मुरझाए चेहरों पर मुस्कान खिला देंगे | पहले न जान पाये अब जान चुके तुझे | तू पहचान हमे तुझको पानी पीला देंगे| आता हमे हिफाजत करनी खुद अपनी | आया तू जहा से तुझे वही लौटा देंगे | बहुत मचा लिया उत्पात अब रुक जा | कोरोना योद्धा तुझे मार लिटा देंगे| लगा लॉक डाउन अब तेरा वार न चले | जलती तेरी जीवन लौ अब मिटा देंगे | मानव दुशमन वायरस टिक न पाय... »

कविता -सुरक्षित वही है होता |

कविता -सुरक्षित वही है होता | कोरोना देखे ना जात जान सभी लेता | रहता ज़ो घर मे सुरक्षित वही है होता | पहने न मुख बाहर मास्क खतरा बहुत | बचके रहना सभी आदमी आम या नेता | धोना हर घंटे हाथ अपना उपाय यही है | सब है एक समान अनपढ़ या वेद वेता | न भीड़ न जलसा ना महफिल सजानी है | रहना बनाके दूरी सभी जीत वही है लेता | लगा नहीं युही लोक डाउन कारण बड़ा है | तोड़ा जो नियम कोरोना बीमार कर देता | जीत लेता भारत जंग पर... »

भोजपुरी गजल- कोरोना के कहर जारी बा |

भोजपुरी गजल- कोरोना के कहर जारी बा | बच के चला कोरोना के कहर जारी बा | भइल जहा मनमानी अब सबकर बारी बा | ई कोरोना ह चिन्हे ला ना केहु के भाई | रहा घर मे लुकाई येही मे समझदारी बा | लागल लॉक डाउन नियम सबके मानेके | रही ला कुछ दिन अउर लड़े के तैयारी बा | जे ना मानी उ जान से जाई केहु का करी | माना बात भारती देशवा से वफादारी बा| लड़े जे सीमा योद्धा कहल जाला उनके | युद्ध हउवे कोरोना साची बात हमारी बा | संग... »

भोजपूरी गीत – लुका जाला केहु |

भोजपूरी गीत – लुका जाला केहु | कोरोना से जेतना जब डरा जाला केहु | बच जाला जब घरवा लुका जाला केहु | एकरा ज़ोर देखवला मे भलाई नईखे | जान आपन बचवला जग हँसाई नईखे| निकलल जे बाहर कोरोना धरा जाला केहु| सर्दी खांसी बुखार एकर निसानी हउवे| चीन से चलल बीमारी एकर कहानी हउवे | मानीना लॉकडाउन कबहु मरा जाला केहु | मचल दुनिया हाहाकार कोरोना देख ला | जेतना होखे कूड़ा कर्कट अब तू फेंक ला | होशियार देख कोरोना प... »

कविता – भीम हमारा अभिमान |

अंबेडकर जयंती कि हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाये कविता – भीम हमारा अभिमान | किया निर्माण जो भारत का सविंधान | सत सत नमन भीम हमारा अभिमान | दिलाया अधिकार सबको जिसने समान| बाबा भीम को करता नमन हिंदुस्तान | दबे कुचले दलित पिछड़े राह दिखाई | रहना कैसे मिल सबको सीख सिखाई | हुआ अपनो खातीर बाबा जो कुर्बान | सत सत नमन भीम हमारा अभिमान | मिले शिक्षा सबको बाबा कि ईक्षा थी | खुद बना बैरिस्टर ऊंची उसकी दीक्ष... »

कविता – तो बच जाने दो |

कविता – तो बच जाने दो | बढ़ गया लोक डाउन तो बढ जाने दो | जान है जरूरी माल से तो बच जाने दो | इतने दिन बीते कुछ दिन और गुजारेंगे | घर की बिखरी चिजों को थोड़ा सवारेंगे | आखिर कट रही जिंदगी तो कट जाने दो | जो बताया गया वो हमसे निभाया गया | हाथ धोना घर रहना मास्क लगाया गया | योद्धा लड़ रहे कोरोना तो निपट जाने दो| अपनी ही नहीं परवाह जान गैरो भी करनी | घर मे रहो खाओ चाहे नमक रोटी चटनी | चढ़ रहा कोरोना... »

हास्य ब्यंग्य कविता- थक गया मै |

हास्य ब्यंग्य कविता- थक गया मै | बढ़ गया लोकडाउन घर मे पक गया मै | माँजकर बरतन झाड़ू पोंछा थक गया मै | करता था कभी श्रीमती जी के आराम को | करके रोज चूल्हा चौकी घर नच गया मै | बच्चे संभालो खाना बनाओ मैडम खुश है | फुरसत ना मिले काम कभी झक गया मै | कब खत्म होगा कोरोना बाजार नजारा होगा | मिली ना गरम चाय माथा मथ गया मै | जरूरी है रहना घर मे कोरोना खतरा बाहर| धो धो कर साबुन हाथ आधा कट गया मै | कहती श्रीमत... »

भोजपुरी गीत- करा ना नादानी पिया |

भोजपुरी गीत- करा ना नादानी पिया | माना मोर कहनवा करा ना नादानी पिया | घरवे मे रहा मती जा खरिहानी पिया | फइलल बा कोरोनावा सगरो नगरिया | मती जा बहरिया रहा हरदम पजरिया | पड़ल बा बज़रिआ अब सुनसानी पिया | घरवे मे रहा मती जा खरिहानी पिया | जेवन जेवन कहबा तेवन हम खिआइब | नेटिया से देखि तोहके जेवना हम बनाइब | मसकिया लगावा करा ना मनमानी पिया | घरवे मे रहा मती जा खरिहानी पिया | मारल जाई कोरोनवा गउआ होई गुलजार... »

गजल- कोरोना शैतान क्यो है |

गजल- कोरोना शैतान क्यो है | काफिया – आन ,रदीफ़ – क्यो है खौफ मे कोरोना से इंसान क्यो है | घर अपने आदमी परेशान क्यो है | हुआ लॉक डाउन लॉक घर मे रहो | तोड़कर कायदा कानून नादान क्यो है | बाजार बंद उसको मौका मिल गया | बढ़ाकर कीमत बनता बेईमान क्यो है | चूल्हा नहीं जला घर उसके रासन नहीं | कांपता ही नहीं उसका ईमान क्यो है | लगी जितनी बंदीसे वो मानता नहीं | फिर बीमार सारा अब खानदान क्यो है| कायम रहेगी और भी ... »

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