राखी का त्योहार है आज, आजादी का जशन भी है बहन की खातिर जीना भी चाहता हूँ देश पर मार मिटाने का मन भी है। (देश के सैनिक की मन की बात)

कलाई पर मौली और माथे पर रोली लगाया करती हैं, बहनें छोटी हैं मेरी मगर बातें बड़ी ही बनाया करती हैं, चुप रहती हैं कभी मुख से कुछ भी माँगा नहीं करती हैं, के बांधकर […]

गहरा है ये मेरा प्यार, बहना करती है इंतज़ार जा बसे तुम विदेश भैया कैसे बांधूंगी अब राखी राखी के धागों में पिरोये प्यार के मोती तेरा सुखी रहे संसार मत भूलना मेरा प्यार आया […]

बहना की राखी में, राखी के धागों में रक्षा है,शिक्षा है आशीष है, दुआ है अटूट बंधन है रोली है चन्दन है पावन पर्व का अभिनन्दन है -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

मित्रो! अभी हाल ही मे शहीद हुए हमारे देश के चार सैनिको को ,अपनी कविता के माध्यम से श्रद्धासुमन अर्पित करते हुये, मैने आप तक ए कविता पहुचाने की कोशिश की है अगर आपको ये […]

तेरे साथ जो बीता बचपन कितना सुन्दर जीवन था, ख़ूब लड़ते थे फिर हँसते थे कितना सुन्दर बचपन था, माँ जब तुझको दुलारती मेरा मन भी चिढ़ता था तू है उनके बुढ़ापे की लाठी ये […]

जन्म लेकर साथ तुम मेरे पली थी भेदभावों के समन्दर में वहीं थीं में पला नाजों से लेकिन तुम नहीं कौन कहता पीर मन की अनकहीं पूज्या कहकर लड़कियों की कैसी साधना बहन तुम मुझे […]

न था मित्र कोई सखा मेरा जन्मा था वो बनके दोस्त मेरा। पहली दफा मुस्कुराया वो, मन प्रफुल्लित हुआ था मेर। जैसे गुड़हल के पुष्प से निकली हो एक कली और लुटाई हो उसने सुंदरता […]