अच्छा किया तुमने याद दिला दिया……..
हक नही मुझे कोई फ़रमाइश करने का,
हक नही मुझे कोई बेबुनियाद सी जिद्द करने का,
सिर्फ तुम्हारी हर ख़्वाहिश पूरी करनी हैं मुझे….
कोई हक नही मुझे अपनी बात मनवाने का,
अच्छा किया तुमने याद दिला दिया…..!!!
हक नही मुझे कोई आरज़ू रखने का,
हक नही मुझे किसी की चाहत पाने का,
तुम्हारे हर सपने को पूरा करना हैं मैंने….
कोई हक नही मुझे ख़्वाब देखने का,
अच्छा किया तुमने याद दिला दिया…!!!
कोई हक नही मुझे खिलखिलाने का,
कोई हक नही मुझे आँसू बहाने का,
तुम्हारी हर ख़ुशी गम का ध्यान रखना हैं मुझे…..
कोई हक नही मुझे मेरी ख़ुशियाँ पाने का,
अच्छा किया तुमने याद दिला दिया….!!!
कोई हक नही मुझे खुलकर बोलने का,
कोई हक नही मुझे चुप रहने का,
तुम्हारी हर बात को मानना हैं मुझे….
कोई हक नही मुझे अपनी राय देने का,
अच्छा किया तुमने याद दिला दिया….!!!
कोई हक नही मुझे अपनों को याद करने का,
कोई हक नही मुझे अपनों से मिल पाने का,
सिर्फ तुम्हारे घर में रहना हैं मुझे…..
कोई हक नही मुझे इसे अपना घर मानने का,
अच्छा किया तुमने याद दिला दिया….!!!
अच्छा किया तुमने याद दिला दिया….!!!
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