इम्तिहाँ लेते है वो

इम्तिहाँ लेते है वो कुछ इस अंदाज़ से
आता हुआ जवाब भी हम भूल जाते है
राजेश’अरमान’

Related Articles

जवाब…

जवाब… बस देती ही रही हूं जवाब… घर जाने से लेकर घर आने का जवाब… खाने से लेकर खाना बनाने का जवाब… बस देती ही…

बचपन

जीवन की अवस्था तीन सही बचपन का कोई जवाब नहीं आनंद भरा रहता तन मन पुलकित होता हरेक का संग शिशु मुख लगता प्यारा प्यारा…

इम्तिहा

“इम्तिहा” योगेश ध्रुव “भीम” “जिंदगी की डोर खिंचते चल पड़े हम, मंजिल की तलाश पैरो पर छाले पड़े” “बिलखते हुए सवाल लिए पापी पेट का,…

Responses

New Report

Close